महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व के पीछे सामाजिक संरचनाएँ और संस्थागत व्यवस्थाएँ प्रमुख रूप से जिम्मेदार : डॉ. मुसर्रत फ़ैज़ी
जागरूकता और शिक्षा से ही वास्तविक परिवर्तन संभव : प्रो. अफाक़ हाशमी
लोकतंत्र की सफलता महिलाओं की समान भागीदारी पर निर्भर : डॉ. संतोष कुमार राम
दरभंगा : IGNOU Regional Centre Darbhanga के तत्वावधान में तथा IGNOU LSC-5135 द्वारा ‘नीति-निर्माण और विधायिकाओं में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व के संरचनात्मक एवं संस्थागत अवरोध’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन 12 दिवस की वर्कशॉप के अंतर्गत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. फिरोज अख्तर द्वारा तिलावत-ए-कुरआन से हुआ, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और गरिमामय बन गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।
स्वागत भाषण समन्वयक इर्तेज़ा अहमद द्वारा दिया गया। उन्होंने सेमिनार के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। अतिथियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ी।
मुख्य वक्ता डॉ. मुसर्रत फ़ैज़ी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व के पीछे सामाजिक संरचनाएँ और संस्थागत व्यवस्थाएँ प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने नीतिगत सुधारों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
प्रो. अफाक़ हाशमी, विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने अपने संबोधन में शिक्षा के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा से ही वास्तविक परिवर्तन संभव है।
मुख्य अतिथि डॉ. संतोष कुमार राम, क्षेत्रीय निदेशक, IGNOU क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोकतंत्र की सफलता महिलाओं की समान भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने संस्थागत सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शारिक हुसैन ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विषय की गहनता को रेखांकित किया और सभी वक्ताओं के विचारों को सारगर्भित बताया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एमआई हक द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच संचालन निष्ठा वत्स एवं मोहम्मद आकिब ने किया।
यह सेमिनार विषय की गंभीरता को समझने तथा समाधान की दिशा में विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।

