डेस्क: ईरान (Iran) की सत्ता के शीर्ष से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद सर्वोच्च नेता बने उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई (Mujtaba Khamenei) गंभीर रूप से घायल हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters के हवाले से कहा गया है कि एक हवाई हमले में उन्हें गहरी चोटें आईं, जिनमें चेहरे पर गंभीर घाव और एक पैर गंवाने जैसी स्थिति शामिल है।
हमले के बाद सार्वजनिक रूप से नहीं आए नजर
रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च को शीर्ष पद संभालने के बाद से मुज्तबा खामेनेई की कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है। अमेरिकी खुफिया इनपुट्स का भी दावा है कि हमले में उनका एक पैर काटना पड़ा, जबकि चेहरा बुरी तरह जख्मी हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
ऑडियो के जरिए चला रहे शासन
सूत्रों के अनुसार, शारीरिक रूप से घायल होने के बावजूद मुज्तबा मानसिक रूप से सक्रिय हैं। वे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें कर रहे हैं और युद्ध रणनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं तक अहम फैसले ले रहे हैं। ईरानी मीडिया उन्हें “जांबाज” बताकर उनकी स्थिति की ओर इशारा कर रहा है।
वास्तविक शक्ति किसके पास?
विशेषज्ञों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई को अपने पिता जैसी स्वाभाविक पकड़ अभी हासिल नहीं है। माना जा रहा है कि Islamic Revolutionary Guard Corps (रिवोल्यूशनरी गार्ड्स) की भूमिका सत्ता संतुलन में बेहद प्रभावी हो गई है।
Middle East Institute के विश्लेषक Alex Vatanka के अनुसार, मुज्तबा को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित होने में समय लग सकता है और फिलहाल निर्णयों पर सैन्य नेतृत्व का प्रभाव ज्यादा है।
‘मुज्तबा कहां हैं?’सोशल मीडिया पर सवाल
देश में इंटरनेट प्रतिबंधों के बावजूद सोशल मीडिया पर उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। “मुज्तबा कहां हैं?” जैसे सवालों के साथ मीम्स वायरल हो रहे हैं। वहीं, समर्थकों और ‘बसीज’ मिलिशिया का कहना है कि सुरक्षा कारणों से उनका लो-प्रोफाइल रहना जरूरी है।
शांति वार्ता के बीच बढ़ी अटकलें
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता शुरू होने जा रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या एक घायल और पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहा नेता इतने बड़े वैश्विक समझौते में निर्णायक भूमिका निभा पाएगा।
मुज्तबा खामेनेई ने हालिया संदेशों में प्रतिरोध की नीति जारी रखने के संकेत दिए हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रुख भी जताया है।

