डेस्क: दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों (tribal areas) में स्वास्थ्य सुविधाएं (Health facilities) मजबूत करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने एक अनोखी पहल शुरू की है। अब दुर्गम इलाकों में दवाइयों और मेडिकल सैंपल की डिलीवरी ड्रोन के जरिए की जा रही है, जिससे मरीजों तक समय पर इलाज पहुंचाना आसान हो सकेगा।
ड्रोन से दवा और सैंपल की डिलीवरी
यह प्रोजेक्ट अल्लूरी सीतारामा राजू जिला के सुदूर आदिवासी इलाकों में लागू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन, RTGS और UPS Foundation के सहयोग से टेक्नोलॉजी पार्टनर Redwing के साथ मिलकर इस पहल को जमीन पर उतारा है।
पादेरू मेडिकल कॉलेज से जुड़ा नेटवर्क
ड्रोन सेवा के तहत पादेरू मेडिकल कॉलेज और गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल को छोटे स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ा गया है। इससे डायग्नोस्टिक सैंपल तेजी से लैब तक पहुंच रहे हैं और जरूरी दवाइयां समय पर वापस भेजी जा रही हैं।
1,000 उड़ानें, 40,000 किमी का सफर
अब तक इस पहल के तहत 1,000 से अधिक ड्रोन उड़ानें पूरी की जा चुकी हैं। इन उड़ानों ने कुल 40,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की और 25,000 से अधिक मेडिकल उत्पादों की डिलीवरी की गई।
हर ड्रोन करीब 2 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है और कोल्ड चेन तकनीक से लैस है, जिससे दवाइयों और ब्लड यूनिट की गुणवत्ता बनी रहती है।
दुर्गम इलाकों में खत्म होगी देरी
पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्रों में सड़क मार्ग की कमी के कारण इलाज में देरी आम बात थी। ड्रोन तकनीक ने इस समस्या को काफी हद तक हल कर दिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं तेज, सुरक्षित और अधिक प्रभावी हो गई हैं।
अन्य जिलों में भी होगा विस्तार
राज्य सरकार का लक्ष्य इस मॉडल को भविष्य में अन्य जिलों तक विस्तार देना है, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
यह पहल न सिर्फ तकनीक के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी मानी जा रही है।

