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मणिपुर में तनाव बढ़ा, दो बच्चों की मौत के विरोध में उतरा जनसैलाब, कर्फ्यू का उल्लंघन कर निकाली गईं रैलियां

डेस्क:मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक घर पर हुए बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान जाने के बाद राज्य के घाटी जिलों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बृहस्पतिवार को इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में हजारों लोग कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए। टायर जलाकर और अवरोधक लगाकर प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। इंफाल पश्चिम जिले के टिडिम लाइन में संगठन ‘ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गनाइजेशन’ (एएमयूसीओ) के तत्वावधान में सैकड़ों लोगों ने क्वाकेइथेल के पास स्थित संगठन के कार्यालय से रैली निकाली, जिसमें हत्याओं की निंदा की गई और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। हमले में मारे गए दो नाबालिगों के पोस्टर लिए हुए कई बच्चे भी रैली में शामिल हुए जिन्हें सुरक्षा बलों ने क्वाकेइथेल के पास आगे बढ़ने से रोक दिया। बाद में मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह से मुलाकात के लिये एएमयूसीओ के प्रतिनिधियों एवं अन्य को ले जाया गया ताकि वे अपनी चिंताओं को उनके सामने रख सकें। बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा एक घर पर बम फेंके जाने से पांच वर्षीय बालक और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद लगभग 500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ट्रोंगलाओबी से कुछ सौ मीटर दूर गेलमोल के पास स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ करने लगे तथा सुरक्षा वाहनों को जला दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई जबकि 30 अन्य लोग घायल हो गए। बृहस्पतिवार को इंफाल पश्चिम जिले के समुरो में भी सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक बंगले की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।प्रदर्शनकारियों ने बिष्णुपुर जिले के मोइरांग लामखाई और निंगथौखोंग में टायर जलाए और वाहनों की आवाजाही रोक दी। इंफाल पूर्व जिले के खुराई एवं थौबल और काकचिंग जिलों के कुछ हिस्सों से भी टायर जलाने की इसी तरह की घटनाएं सामने आईं।

बुधवार रात को इंफाल पूर्व जिले के खुराई लामलॉन्ग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जहां प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इससे पहले ट्रोंगलाओबी घटना के बाद चलाए गए अभियानों के दौरान पुलिस ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के तीन संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, पुलिस ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि गिरफ्तार किए गए लोग विस्फोट से सीधे तौर पर जुड़े थे या नहीं।

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