डेस्क: पश्चिम एशिया (West Asia) में सीजफायर (Ceasefire) की खबरों ने पूरी दुनिया को राहत भरी सांस दी थी. लेकिन ये सीजफायर टूटता दिख रहा है. अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल (Israel) ने लेबनान (Lebanon) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया. इस हमले में एक ही दिन में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. बुधवार दोपहर बेरूत की सड़कों पर एक के बाद एक पांच बड़े धमाके हुए. आसमान में धुएं के गुबार उठे और पूरा शहर दहल गया. इजराइली सेना ने खुद कहा कि उसने सिर्फ 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ हमला किया. ये ठिकाने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर और सैन्य ठिकाने बताए गए.
हिजबुल्लाह ने माना था सीजफायर
लेबनान की सिविल डिफेंस सर्विस के मुताबिक कुल 254 लोगों की मौत हुई, जिसमें अकेले बेरूत में 91 लोग मारे गए. वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने 182 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन साफ कहा कि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब हिजबुल्लाह ने सीजफायर का पालन करते हुए अपने हमले रोक दिए थे. हिजबुल्लाह के नेता इब्राहिम अल मौसावी ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा है, लेकिन इजराइल ने हमेशा की तरह इसे तोड़ दिया और पूरे देश में नरसंहार किया.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि लेबनान 14 दिनों के इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है और सेना अपना अभियान जारी रखेगी. व्हाइट हाउस की तरफ से भी यही बात दोहराई गई. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान को गलतफहमी थी कि लेबनान शामिल है, लेकिन ऐसा नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने इस हमले को भयावह बताया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हत्या और तबाही, वो भी सीजफायर के तुरंत बाद, समझ से परे है. जमीन पर हालात और भी डरावने हैं. पत्रकारों ने देखा कि घायलों को बाइक पर अस्पताल ले जाया जा रहा था क्योंकि एंबुलेंस कम पड़ गई थीं. एक बड़े अस्पताल ने सभी ब्लड ग्रुप के लिए तुरंत दान की अपील की.
क्या होर्मुज फिर बंद हो गया?
एक इमारत आधी उड़ गई, ऊपर फंसे लोगों को क्रेन से निकाला गया. 51 साल के नईम चेब्बो ने कहा कि अब उन्हें रात में नींद नहीं आएगी क्योंकि हर पल डर लग रहा है कि फिर हमला होगा. इजराइल ने लेबनान के दक्षिण को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला आखिरी पुल भी तोड़ दिया. इससे वहां फंसे लोगों के लिए हालात और मुश्किल हो गए हैं. पहले ही 12 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ चुके हैं. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस मामले में हस्तक्षेप करने को तैयार हैं.
इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका और इजराइल को खुली चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो ऐसा जवाब दिया जाएगा जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे. बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को फिर रोक दिया गया. ईरान की फार्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक तेल टैंकर रुक गए. वहीं कई जहाजों को ईरानी नेवी की तरफ से मैसेज मिला कि होर्मुज अभी भी बंद है.
