पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने ऐलान किया है कि अब वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उनके परिवार की अगली पीढ़ी राजनीति में उतरने के लिए तैयार है और उनके बेटे चुनाव लड़ेंगे।
अनंत सिंह के इस फैसले को बिहार की राजनीति में “फैमिली सक्सेशन” के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि वह अब अपने राजनीतिक वारिस को स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इसी बीच, पटना से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, और अब इस केस में उनके दोनों भतीजों राजवीर और कर्मवीर को भी राहत मिल गई है। कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी है।
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले दोनों भतीजों ने पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, अब उन्हें नियमित जमानत मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले परिवार के सभी प्रमुख सदस्यों को कानूनी राहत मिलना अनंत सिंह के लिए अहम साबित हो सकता है, खासकर तब जब वह अपने बेटों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
अनंत सिंह के चुनाव न लड़ने के फैसले और परिवार को मिल रही कानूनी राहत ने बिहार की सियासत में नए समीकरणों की शुरुआत कर दी है। आने वाले चुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
आशुतोष झा
