अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका ने पाक की काली करतूतों का किया खुलासा, आतंकियों के पनाहगार के भारत विरोधी झूठ सामने आए

डेस्क: पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवाद (Terrorism) के जुड़े इतिहास को अब कोई छिपा नहीं सकता। दशकों से आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले पाकिस्तान को लेकर अमेरिका (America) ने हाल ही में आगाह किया है। ताजा रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान आज भी आतंकियों और चरमपंथी समूहों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा भारत (India) को लेकर फैलाए जा रहे झूठ का भी पर्दाफाश हुआ है।

यह रिपोर्ट US कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) ने जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में करीब 15 बड़े आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें वैश्विक स्तर पर सक्रिय, भारत-केंद्रित, अफगानिस्तान-केंद्रित, घरेलू और सांप्रदायिक समूह शामिल हैं।

आतंकियों को संरक्षण दे रहा पाकिस्तान

इन 15 समूहों में से 12 को अमेरिका ने ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ (FTOs) के रूप में घोषित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान इन नेटवर्कों को खत्म करने में नाकाम रहा है। अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी संगठन अभी भी पाकिस्तान में खुलेआम सक्रिय हैं। 2014 के ‘नेशनल एक्शन प्लान’ में सभी सशस्त्र मिलिशिया को समाप्त करने का आदेश दिया गया था, लेकिन रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान अब भी आतंकियों को पनाह दे रहा है।

भारत के लिए गंभीर खतरा

रिपोर्ट में विशेष रूप से भारत-केंद्रित समूहों पर ध्यान दिया गया है। उदाहरण के लिए हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद के पास 1,500 से अधिक सक्रिय समर्थक हैं। लश्कर-ए-तैयबा, जैश और हिजबुल जैसे संगठन पाकिस्तान में अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। इससे साफ है कि क्षेत्रीय स्तर पर पाकिस्तान अभी भी भारत विरोधी आतंकवाद का हब बना हुआ है।

पाकिस्तान का झूठ भी हुआ बेनकाब

रिपोर्ट में पाकिस्तान के बड़े झूठ का भी पर्दाफाश किया गया है। बलूचिस्तान में उग्रवादी गुटों को पाकिस्तान भारत प्रायोजित बताते हैं, जबकि अमेरिकी रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के नेतृत्व वाला ‘हक्कानी नेटवर्क’ सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जुड़ा है। भारत पहले ही इन आरोपों को बेबुनियाद कर चुका है और कहा है कि पाकिस्तान को अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाने की आदत छोड़नी चाहिए।

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