डेस्क: तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ईरान पर कथित ‘सरप्राइज अटैक’ (surprise attack) को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने (Pearl Harbor attack) का जिक्र करते हुए जापान पर तंज कस दिया, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
क्या कहा ट्रंप ने?
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने सहयोगी देशों को भरोसे में लिए बिना ईरान पर हमला क्यों किया, तो ट्रंप ने कहा—“हम सरप्राइज चाहते थे। और सरप्राइज के बारे में Japan से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में पहले क्यों नहीं बताया था?”
उनके इस बयान को जापान पर कटाक्ष और द्वितीय विश्व युद्ध की घटना का मजाक उड़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
जापान का रुख और ट्रंप पर भरोसा
इस बीच जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा हालात बेहद गंभीर हैं और उन्हें विश्वास है कि ट्रंप ही स्थिरता ला सकते हैं। उन्होंने Iran को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिशों की आलोचना की।
हमलों से भड़का तनाव, तेल कीमतों में उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, Israel द्वारा पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Qatar, Saudi Arabia, Kuwait, United Arab Emirates और इजरायल के ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इन हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र—जो वैश्विक गैस आपूर्ति का बड़ा केंद्र है—में भी नुकसान की खबरें हैं। वहीं सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी और कुवैत की मिना अल-अहमदी रिफाइनरी जैसे बड़े प्रतिष्ठान भी निशाने पर आए।
ट्रंप का यू-टर्न
दिलचस्प बात यह है कि कुछ ही दिन पहले तक ट्रंप NATO, जापान और अन्य सहयोगी देशों से Strait of Hormuz में सुरक्षा के लिए मदद मांग रहे थे। लेकिन अब उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका को किसी की जरूरत नहीं है और उसकी सैन्य ताकत ही पर्याप्त है।
हाइफा रिफाइनरी पर हमला, बढ़ी युद्ध की आशंका
ईरान ने Haifa स्थित तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया, जिससे नुकसान की खबरें हैं। ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे तो जवाब और अधिक कठोर होगा।
वैश्विक असर की आशंका
तेजी से बढ़ते इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में उछाल से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के विवादित बयान और बिना सहयोगियों को विश्वास में लिए गई सैन्य कार्रवाई ने न सिर्फ कूटनीतिक तनाव बढ़ाया है, बल्कि मध्य पूर्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेलने की आशंकाओं को भी तेज कर दिया है।
