डेस्क:केरल की राजनीति को लेकर हाल ही में आए ‘एोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) और ‘केरल इलेक्शन वॉच’ के विश्लेषण ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 132 मौजूदा विधायकों में से अधिकांश न केवल गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी संपन्न हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। एडीआर और ‘केरल इलेक्शन वॉच’ द्वारा किए गए इस विश्लेषण में 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की समीक्षा की गई और पाया गया कि 92 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं।
इनमें से 33 विधायकों यानी 25 प्रतिशत विधायकों नेगंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है, इन मामलों में हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो विधायकों ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या से जुड़े मामले लंबित होने की जानकारी दी है जबकि तीन पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के आरोप हैं। इसके अलावा तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले होने की जानकारी दी है जिनमें बलात्कार का एक मामला भी शामिल है।
