डेस्कः अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इजरायल और अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
“हर खून की कीमत चुकानी होगी”
मोज्तबा खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि लारिजानी, उनके बेटे और सहयोगियों की मौत से गहरा दुख है। उन्होंने दशकों तक ईरान की सेवा की, ऐसे हमले दुश्मनों की दुश्मनी को दिखाते हैं लेकिन इससे ईरान का संकल्प और मजबूत होगा। उन्होंने साफ कहा—“न्याय जरूर मिलेगा”
हमले में कई बड़े नेताओं की मौत
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि अली लारीजानी एक हमले में मारे गए। हाल ही में इस्माइल खतीब की भी मौत हुई। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्किय ने भी इसकी पुष्टि की है।
क्यों अहम थे लारिजानी?
ईरान की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक
2005 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख बने
पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ता के मुख्य चेहरा रहे
उनकी मौत से तेहरान में फैसले लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।
मिडिल ईस्ट से बाहर फैलता टकराव
यह संघर्ष अब सिर्फ ईरान बनाम अमेरिका-इजरायल तक सीमित नहीं रहा। इससे लेबनान भी प्रभावित है। साथ ही खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा है और ग्लोबल शिपिंग और एनर्जी मार्केट पर असर पड़ा है। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध लगा दी है।
क्या जंग और लंबी चलेगी?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप इस सैन्य बढ़त को राजनीतिक जीत में बदल पाएंगे? या ईरान इस युद्ध को और लंबा और महंगा बना देगा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में पहले ही कई बड़े ईरानी नेता मारे जा चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
