डेस्क:श्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच छिड़ी भीषण जंग ने वैश्विक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज यानी सोमवार को संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से में आधिकारिक बयान देंगे। वह देश को मिडिल ईस्ट के हालातों और वहां फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराएंगे। यह युद्ध अब अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसकी आग पूरे क्षेत्र में फैल गई है: अमेरिका और इज़राइल के बड़े हमलों में राजधानी तेहरान दहल गई है। गवाहों के अनुसार आसमान धुएं से भर गया है और कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ईरान ने अब खामेनेई का उत्तराधिकारी भी चुन लिया है, जिसकी घोषणा जल्द होने वाली है। ईरान ने पलटवार करते हुए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है। बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य बेस भी हमलों की जद में हैं।
सरकार भारतीयों की सुरक्षा पर करीब से नज़र रख रही है
यह ब्रीफिंग ऐसे समय में हो रही है जब भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा पर करीब से नज़र रख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में कई क्षेत्रीय नेताओं से बात की है, जिनमें सुल्तान हैथम बिन तारिक, शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और शेख तमीम बिन हमद अल थानी शामिल हैं। इन बातचीत के दौरान, PM मोदी ने हाल के हमलों पर चिंता जताई और इस इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और भलाई पक्का करने की अहमियत पर ज़ोर दिया।
