डेस्क: भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) शुक्रवार को लाल निशान (red mark) पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex ) 356.91 अंक या 0.45% गिरकर 79,658.99 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी (Nifty) 148.15 अंक या 0.60% गिरकर 24,617.75 अंक पर आ गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहा और 2 पैसे बढ़कर 91.62 पर पहुंच गया। यह बढ़त अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट की घोषणा के बाद हुई, जिससे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा प्रवाह पर दबाव कम हुआ।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की बढ़त हुई है, लेकिन यह पिछले भू-राजनीतिक संकटों के मुकाबले बड़ी तेजी नहीं है। इसका कारण वैश्विक बाजार में तेल की संभावित बड़ी आपूर्ति है।
उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है और बाजारों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
विजयकुमार के अनुसार, जब तक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती है, तब तक बाजार पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर कीमत 90 डॉलर से ऊपर बढ़कर 100 डॉलर के करीब पहुंचती है, तो इसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
