डेस्क:पहाड़ों की रानी शिमला का नगर निगम शुक्रवार को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। नगर निगम की मासिक आम बैठक (MC House Meet) के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद महापौर (Mayor) सुरेंद्र चौहान ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 9 पार्षदों को निलंबित कर दिया। निलंबन की इस कार्रवाई के बाद सदन में घंटों तक नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल बना रहा। भाजपा पार्षदों ने महापौर के कार्यकाल के विस्तार के मुद्दे पर बैठक में व्यवधान डाला। सदन से बाहर जाने का निर्देश दिए जाने के बाद उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और दावा किया कि चूंकि महापौर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए उन्हें निर्वाचित पार्षदों को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। नारेबाजी कई मिनट तक जारी रही। भाजपा सदस्यों ने कहा कि जब तक नयी महापौर के रूप में किसी महिला का चुनाव नहीं हो जाता, वे निगम की कार्यवाही चलने नहीं देंगे। टकराव उस समय शुरू हुआ जब विपक्षी पार्षदों ने चौहान को सदन की अध्यक्षता करने से रोकते हुए कहा कि उन्हें बैठक संचालित करने का अधिकार नहीं है।
