अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अफगान तालिबान के खिलाफ युद्ध का किया ऐलान, दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले

डेस्क: पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच तनाव ने शुक्रवार को गंभीर रूप ले लिया, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul) और दक्षिणी शहर कंधार (Kandahar) सहित कई इलाकों में हवाई हमले किए. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब तालिबान सरकार ने दावा किया कि अफगान बलों ने पहले पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर हमला किया था, जो हालिया हवाई हमलों के जवाब में था. इसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘ओपन वॉर’ घोषित कर दिया है.

इससे पहले पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर कहा कि “अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों” को काबुल, पकतिया प्रांत और कंधार में निशाना बनाया गया. वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने काबुल के खिलाफ “खुली जंग” की घोषणा की, जबकि आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे “तालिबान की खुली आक्रामकता का उचित जवाब” बताया.

काबुल में करीब दो घंटे तक लड़ाकू विमानों की आवाज, जोरदार धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी. कंधार में मौजूद पत्रकारों ने भी आसमान में जेट विमानों की आवाज सुनने की पुष्टि की. यह शहर तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबातुल्लाह अखुंदजदा का गढ़ माना जाता है.

पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान ने की थी जवाबी कार्रवाई

तालिबान सरकार के प्रवक्ता जाबिहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ. हालांकि, इससे पहले उन्होंने सीमा पर “बड़े पैमाने पर जवाबी अभियान” शुरू करने की घोषणा की थी. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जमीनी संघर्ष में उसके आठ सैनिक मारे गए.

नंगरहार प्रांत के तोर्खम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास लौट रहे शरणार्थियों के कैंप में मोर्टार गिरने से सात लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान में बिगड़े हालात

दोनों देशों के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़े हैं. अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में 70 से अधिक लोग मारे गए थे, जिसके बाद से कई सीमा चौकियां बंद हैं. हालांकि अफगान शरणार्थियों को सीमित रूप से आने-जाने की अनुमति दी गई है.

संयुक्त राष्ट्र मिशन के अनुसार, हालिया पाकिस्तानी हमलों में कम से कम 13 नागरिक मारे गए, जबकि तालिबान ने 18 लोगों के मारे जाने का दावा किया है. पाकिस्तान ने कहा कि उसके ऑपरेशन में 80 से अधिक उग्रवादी मारे गए, जिसे तालिबान ने खारिज किया.

इस बीच इस्लामिक स्टेट-खोरासान द्वारा किए गए हमलों ने भी पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए हैं. इस समूह ने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हमले और काबुल में एक रेस्टोरेंट में आत्मघाती विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी.

इस बीच यूनाइटेड नेशन के चीफ ने दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मतभेदों को कूटनीति के जरिए सुलझाने की अपील की है. फिलहाल सीमा पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और किसी भी बड़े टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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