डेस्क: उत्तर कोरिया। उत्तर कोरिया (North korea) के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (kim jong un) ने एक बार फिर परमाणु शक्ति (Nuclear Power) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके देश की सुरक्षा को कोई खतरा हुआ, तो उत्तर कोरिया निर्णायक और पूरी क्षमता के साथ जवाब देगा।
राज्य नेतृत्व की ओर से जारी बयान में कहा गया कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। किम जोंग उन ने जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया की सैन्य और परमाणु क्षमता केवल रक्षा के लिए है, लेकिन यदि उसे चुनौती दी गई तो प्रतिक्रिया “बेहद कठोर” होगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्षेत्रीय तनाव और बाहरी दबावों के बीच उत्तर कोरिया अपनी रणनीतिक ताकत को लगातार मजबूत कर रहा है। नेतृत्व का कहना है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान अक्सर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और सुरक्षा समीकरणों के संदर्भ में दिए जाते हैं, जिससे संदेश प्रतिद्वंद्वी देशों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उनके परमाणु और मिसाइल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास ने देश को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उभारा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका लंबे समय से रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना चाहता है तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित “शत्रुतापूर्ण” नीतियों को छोड़ना होगा।
दक्षिण कोरिया ने क्या कहा
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया का अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण रूप में परिभाषित किया जाना खेदजनक है और सियोल शांति के प्रयासों को ‘धैर्यपूर्वक’ जारी रखेगा।
ठप है अमेरिका से बातचीत
विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2019 में वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद ठप है। किम ने दक्षिण कोरिया को 2024 में स्थायी दुश्मन घोषित कर संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।
किम जोंग उन फिर बने नेता
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सोमवार को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया था। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि हजारों प्रतिनिधियों की ‘एकमत इच्छा’ से किम को पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित इस कांग्रेस में शीर्ष नेता का चुनाव होता है।
