डेस्क:कक्षा 8 की एनसीईआरटी किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ नामक पाठ को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान सामने आया है। झारखंड के सरायकेला खरसावां में मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबों में न्यायपालिका के बारे में ऐसी बातें लिखना चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि मामला सामने आते ही किताबों का रिव्यू कराया गया है। शिक्षा मंत्री ने इस घटना पर गहरा अफसोस जताया और भरोसा दिया कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित कंटेंट पर शिक्षा सचिव और एनसी डायरेक्टर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बेहद गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका की छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश लगती है। सीजेआई ने भावुक होते हुए कहा, ‘आज न्यायपालिका खून से लथपथ है और कोई भी कुछ भी कह रहा है।’ अदालत ने इसे पूरी शिक्षा व्यवस्था के जरिए समाज में गलत संदेश फैलाने की कोशिश करार दिया है।
