डेस्क:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए एक नया इतिहास रच दिया। वह इजराइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। अपने ओजस्वी भाषण में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराया और गाजा शांति पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एकमात्र मार्ग बताया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि ‘‘आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है’’। मोदी ने कहा कि इजराइल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक ‘‘सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है’’।
