डेस्क:नियति का खेल भी कितना क्रूर हो सकता है, इसका अंदाज़ा झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले एक परिवार की कहानी से लगाया जा सकता है। जिस परिवार ने अपने मुखिया की जान बचाने के लिए पाई-पाई जोड़ी, रिश्तेदारों से कर्ज लिया और ज़मीन बेचने तक की तैयारी कर ली थी, उसी परिवार के तीन सदस्यों सहित सात लोगों की एक विमान हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जिस घर की देहरी पर अपनों को बचाने की आखिरी उम्मीद में प्रार्थनाएं की जा रही थीं, आज वहां सिसकियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लातेहार के चंदवा में रहने वाले एक छोटे से होटल संचालक संजय के परिवार ने सोचा भी न था कि वे मौत को मात देने के लिए जो 8 लाख रुपये का कर्ज अपनों से मांगकर लाए हैं, वही रकम उनके कफ़न की कीमत बन जाएगी।
