
दरभंगा। दरभंगा महोत्सव के तत्वावधान में एमएलएसएम कॉलेज के भव्य सभागार में छात्रों के भविष्य को नई दिशा देने हेतु एक व्यापक करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, न्याय, वित्त, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन एवं विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा कर छात्रों को सफलता के मंत्र दिए। मुख्य अतिथि कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. लक्ष्मी निवास पांडे ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा जीवन में कुछ भी बनने से पहले “एक बेहतर इंसान” बनना आवश्यक है। उन्होंने “मनुर भवः” के वैदिक मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा यही जीवन का सबसे व्यापक और सार्थक संदेश है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी और कहा अनुशासन ही लक्ष्य प्राप्ति का मूल आधार है। विशिष्ट वक्ता स्पेशल न्यायाधीश (एक्साइज) रवि शंकर ने कानून के अध्ययन की बारीकियों और उसके व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला। कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए ज्ञान के साथ नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का होना अत्यंत आवश्यक है।
आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव राज ने कहा निरंतर अध्ययन,नई तकनीकों के प्रयोग से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। अरविंद ठाकुर ने युवाओं को अपनी स्किल्स को निरंतर विकसित करने और बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने की प्रेरणा दी। छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, विशेषज्ञों ने विस्तार से उनके समाधान प्रस्तुत किए। संवादात्मक वातावरण ने कार्यक्रम को जीवंत और प्रेरणादायी बना दिया। अंत में कर्पूरी प्रतिभा खोज परीक्षा में चयनित छात्रों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रजनीश कुमार मंडल एवं द्वितीय स्थान पर राजकांत कुमार और तृतीय स्थान पर पिंकी और राजलक्ष्मी रही। अन्य दस प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया जिससे पूरे सभागार में उत्साह और गौरव का वातावरण बन गया।