डेस्क: कनाडा (Canadian Government) वर्ष 2025 के पहले दस महीनों में विदेशी नागरिकों (foreign nationals) के निष्कासन के मामले में अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (Canada Border Services Agency) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2025 तक 18,785 लोगों को देश से बाहर किया जा चुका है, जबकि 29,542 मामलों में प्रक्रिया अभी जारी है। यह संख्या पिछले पांच वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है और यह दर्शाती है कि कनाडा अपनी आव्रजन नीति को लेकर अब पहले से कहीं अधिक कठोर रुख अपना रहा है।
निष्कासन के पीछे क्या हैं कारण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिन लोगों को निकाला गया है उनमें बड़ी संख्या उन विदेशी नागरिकों की है जिन पर आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि, सबसे अधिक मामले ऐसे पाए गए जिनमें शरण मांगने वाले व्यक्तियों ने निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन नहीं किया। कनाडा सरकार अब उन लोगों के खिलाफ तेज कार्रवाई कर रही है जो वीजा शर्तों का उल्लंघन करते हैं या कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं।
भारतीय नागरिकों पर बढ़ा दबाव
निष्कासित किए गए नागरिकों की सूची में मेक्सिको पहले स्थान पर है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2025 में 2,831 भारतीय नागरिकों को कनाडा से बाहर किया गया है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि लंबित 29,542 मामलों में से 6,515 मामले भारतीयों के हैं, जिनकी वापसी की प्रक्रिया चल रही है। इससे भारतीय समुदाय में असमंजस और चिंता का माहौल है।
तीन तरह के निष्कासन आदेश
कनाडा के आव्रजन नियमों के तहत तीन प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं। प्रस्थान आदेश के तहत व्यक्ति को 30 दिनों के भीतर देश छोड़ना होता है, अन्यथा यह स्वतः कठोर निर्वासन आदेश में बदल सकता है। वर्ष 2025 में 3,982 लोग इस श्रेणी में हटाए गए। बहिष्करण आदेश के तहत व्यक्ति एक वर्ष तक कनाडा नहीं लौट सकता और यदि गलत जानकारी देने का मामला हो तो यह प्रतिबंध पांच वर्ष तक बढ़ सकता है। इस श्रेणी में 5,821 लोगों को निष्कासित किया गया। वहीं, निर्वासन आदेश सबसे सख्त होता है, जिसमें स्थायी प्रतिबंध लगाया जाता है और विशेष लिखित अनुमति के बिना वापसी संभव नहीं होती। इस वर्ष 8,982 लोग इस श्रेणी में हटाए गए हैं।
पिछले वर्षों से तेज हुई कार्रवाई
आंकड़े बताते हैं कि निष्कासन की रफ्तार लगातार बढ़ी है। वर्ष 2021 में 7,513, 2022 में 8,819, 2023 में 15,207 और 2024 में 17,357 लोगों को निकाला गया था। जबकि 2025 के केवल दस महीनों में ही यह संख्या 18,785 तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि कनाडा सरकार आव्रजन नियमों के पालन को लेकर अब किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
सरकार का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले विदेशी नागरिकों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करना है। कड़े होते नियमों के बीच हजारों भारतीयों सहित कई विदेशी नागरिकों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
