अन्य

रमजान के दस्तक देते ही बाजारों में लौटी रौनक, मस्जिदें हुई गुलजार , पवित्र महीना रमजान का चांद देखे जाने के बाद गुरुवार को रमजान का पहला रोजा रोजेदारो ने किया पूरा

दरभंगा। बुधवार से रमजान का चांद देखे जाने के बाद गुरुवार को रमजान का पहला रोजा रोजेदारो ने पूरे कर लिया। इसके साथ ही बाजारों में सेवई लच्छा और पिन खजूर, खजूर की दुकानें सज गई। लहेरियासराय स्थित बाकरगंज बड़ी मस्जिद के सामने गुदरी बाजार इधर मौलागंज करमगंज और दरभंगा टावर चौक पर कई सेवई, लचछे और खजूर की दुकानो पर खासतौर से रोजेदारों ने इफ्तार के लिए खरीदारी किया। रमजान की आहट के साथ बाजारों की रौनक लौट आई है रमजान के शुरू होते ही बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है। वही मस्जिदों में नमाजियों की तादाद भी पहले से काफी ज्यादा बढ़ गई है।

दरभंगा। रमजान के पहला रोजे पर इफ्तार लोगों ने किया छोटी काजीपुरा करमगंज के इमाम और खानकाह समरकंदिया रहमगंज के शिक्षक हाजी मौलाना अब्दुल अल्लाम मिस्बाही ने बताया रमजान के पहले रोजे की लोगों को मुबारकबाद दी उन्होंने कहा अल्लाह का लाख-लाख शुक्र एहसान और करम है रमजान जैसा पाक महीना फिर से अता किया है। जिसका आज पहला रोजा पूरा हो चुका है, मस्जिदों में नमाजियों भीड़ उमर परी है लोग पांच वक्त के नमाज अदा कर रहे हैं और रात में बाद नमाज तराविह पढ़ रहे है। हाज़ी मौलाना अल्लाम मिस्बाही ने कहा इस महीने को हकीकत में मकसीरत और निजात का महीना कहा जाता है। इस महीने में लोगों को चाहिए ज्यादा से ज्यादा नहीं किया अच्छी बातें अच्छी आदतें अपनी जिंदगी में शामिल करें और रमजान में खूब इबादत करें। और अपने गुनाहों की माफी अल्लाह से इबादत और नेकी कर और गुनाहों की माफी की दुआ करें, जहां रोजा रखना सवाब का काम है वही रोजेदारों को इफ्तार कराना भी रोजे रखने के बराबर शबाब मिलता है। उन्होंने कहा एक फर्ज का स्वभाव अल्लाह ताआला ने 70 सवाब के बराबर माना गया है। मौलाना अल्लाह मिस्बाही ने बताया इस पूरे महीने की बरकत और इबादत से पूरी मुस्लिमा और देश व पूरी दुनिया को फायदा पहुंचे। इफ्तार के लिए अजान की आवाज सुनते ही लोगों ने इफ्तार किया और रमजान का पहला रोजा अपने परिवार के लोगो के साथ किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *