डेस्क: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) सहित देश के प्रमुख शहरों के रियल एस्टेट मार्केट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में रॉकेट की रफ्तार से बढ़ी घरों की कीमतों पर अब लगाम लगती दिख रही है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी ‘प्रॉपटाइगर’ (PropTiger) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी रही है।
दिल्ली-NCR: 49% से गिरकर 6% पर आई ग्रोथ
दिल्ली-NCR के बाजार में कीमतों का ग्राफ नाटकीय रूप से बदला है। जहां साल 2024 में घरों की कीमतें 49 प्रतिशत तक उछल गई थीं, वहीं 2025 में यह वृद्धि महज 6 प्रतिशत पर सिमट गई। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में औसत कीमत ₹8,105 से बढ़कर ₹8,570 प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गई है।
देश के टॉप-8 शहरों का हाल: बेंगलुरु सबसे आगे
देश के प्रमुख 8 शहरों में औसत आवास कीमतों की वार्षिक वृद्धि 2024 के 17% के मुकाबले 2025 में गिरकर 6% रह गई है। आइए देखते हैं किस शहर में क्या बदलाव हुए:
शहर2025 में वृद्धिऔसत कीमत (प्रति वर्ग फुट)बेंगलुरु13% (सबसे ज्यादा)₹8,533हैदराबाद8%₹7,644अहमदाबाद8%₹4,754कोलकाता6%₹5,945मुंबई (MMR)4%₹13,164पुणे1%₹7,192दिल्ली-NCR6%₹8,570चेन्नईस्थिर (0%)₹7,200
क्यों आई कीमतों में सुस्ती?
विशेषज्ञों का मानना है कि 2022 से 2024 के बीच कीमतों में जो बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी, उसकी वजह से अब मांग (Demand) में नरमी आई है। औरम प्रॉपटेक के कार्यकारी निदेशक ओंकार शेट्ये के अनुसार, बिक्री कम होने के बावजूद कीमतों का स्थिर होना एक ‘अनुशासित बाजार’ को दर्शाता है। डेवलपर्स ने इन्वेंट्री (बिना बिके घर) का बेहतर प्रबंधन किया है, जिससे 2026 के लिए एक मजबूत और स्थिर आधार तैयार हुआ है।
शहरों के हिसाब से मुख्य कारण
बेंगलुरु का जलवा: सौपर्णिका प्रोजेक्ट्स के MD रामजी सुब्रमण्यम और अरिसयूनिटर्न के नवीन धानुका के अनुसार, AI और टेक्नोलॉजी हब होने के कारण बेंगलुरु में वास्तविक खरीदारों और वैश्विक निवेशकों की मांग बनी हुई है।
अहमदाबाद की किफायत: IG ग्रुप के ललित परिहार ने बताया कि एक अंक की वृद्धि के बावजूद अहमदाबाद अभी भी किफायती बाजार है। धोलेरा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण यहां मांग मजबूत है।
स्थिर चेन्नई: चेन्नई इकलौता ऐसा बड़ा शहर रहा जहां कीमतें लगभग स्थिर रहीं और कोई खास बदलाव नहीं देखा गया।
