डेस्क:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रशासन, अवसंरचना, नगरीय विकास, नवाचार और संपर्क के मोर्चे पर कई दूरगामी फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का संदेश साफ है कि शासन की कार्यशैली को सेवा भाव से जोड़ते हुए देश को तेज विकास पथ पर आगे बढ़ाना है। सबसे प्रतीकात्मक फैसला नार्थ और साउथ ब्लॉक से नए परिसरों सेवातीर्थ और कर्तव्य भवनों में सरकारी कार्यालयों के स्थानांतरण का है। करीब एक सदी से सत्ता संचालन के केंद्र रहे ये भवन अब युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय का हिस्सा बनेंगे। मोदी सरकार का कहना है कि औपनिवेशिक दौर में बने इन भवनों को विरासत के रूप में संरक्षित करते हुए प्रशासन को आधुनिक, तकनीक समर्थ और पर्यावरण अनुकूल परिसरों में ले जाना समय की मांग है। इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी, डिजिटल शासन को गति मिलेगी और कर्मियों के लिए बेहतर कार्य परिवेश बनेगा। साथ ही संग्रहालय के रूप में विकसित होने पर ये परिसर भारत की सभ्यता यात्रा, स्वतंत्रता संघर्ष और लोकतांत्रिक विकास की कहानी आने वाली पीढ़ियों को बताएंगे।
