डेस्क:राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान दिए गए उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी औचित्य के आधिकारिक अभिलेख से हटा दिया गया। खरगे ने इस कदम को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध बताया और कहा कि हटाए गए अंशों में सरकार की नीतियों की उनकी आलोचनाएं शामिल थीं, जिन्हें विपक्ष के सदस्य के रूप में उजागर करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने हटाए गए अंशों को बहाल करने का भी आग्रह किया।
