डेस्क: दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेवा कपूर ने ननद मंदीरा कपूर स्मिथ और पॉडकास्टर पूजा चौधरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 20 करोड़ रुपये के मानहानि (Defamation) मुकदमे की याचिका दाखिल की है। प्रिया का आरोप है कि पॉडकास्ट, इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन दोबारा प्रकाशित सामग्री के माध्यम से उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों ने उनके सम्मान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और उन्हें मानसिक पीड़ा दी है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में प्रिया ने 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अदालत से स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा (Injunction) देने का अनुरोध किया है, जिससे प्रतिवादी किसी भी कथित मानहानिकारक सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित न करें और मौजूदा सामग्री को डिजिटल, सोशल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए।
प्रिया सचदेवा कपूर, जो कि दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की विधवा हैं, ने आरोप लगाया है कि जून 2025 में उनके पति के निधन के बाद उनके खिलाफ झूठे और हानिकारक बयान दिए जाने लगे। याचिका में विशेष रूप से पॉडकास्ट “InControversial with Pooja Chaudhri” का जिक्र किया गया है, जहां कथित टिप्पणी की गई थी, जो बाद में यूट्यूब, इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से फैल गई।
प्रिया का कहना है कि इन टिप्पणियों की लगातार उपलब्धता और प्रसार ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया और उन्हें तथा उनके बच्चों को मानसिक कष्ट दिया। सिविल मुकदमे के अलावा, प्रिया ने मंदीरा कपूर स्मिथ और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ फौजदारी मानहानि (Criminal Defamation) की शिकायत भी दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पॉडकास्ट, मीडिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यवस्थित अभियान चलाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया गया।
प्रिया ने अदालत से यह भी आदेश मांगा है कि प्रतिवादियों को सार्वजनिक, बिना शर्त माफी और प्रतिक्रिया जारी करने के लिए कहा जाए, जिसमें प्रचार और पहुंच उसी स्तर की हो जैसी कथित मानहानिकारक सामग्री में थी। साथ ही उन्होंने सभी डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस तरह की सामग्री को हटाने की मांग की है।
याचिका में पारिवारिक और व्यापारिक विवादों का भी हवाला दिया गया है, जिससे वर्तमान मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट होती है। प्रियंका का कहना है कि उनके खिलाफ किए गए बयान उनके नैतिक, पेशेवर और व्यवसायिक किरदार पर सवाल उठाते हैं, जिससे समाज में उनका सम्मान प्रभावित हुआ।
उधर, इसी परिवारिक विवाद के अलग मामले में, दिल्ली हाईकोर्ट ने दो दिन पहले RK फैमिली ट्रस्ट से संबंधित रानी कपूर द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान मध्यस्थता (Mediation) का सुझाव दिया था। अदालत ने सभी पक्षों को आपसी समझौते से विवाद सुलझाने के लिए प्रोत्साहित किया। अदालत ने कहा कि परिवार के संबंधों का सम्मान करना जरूरी है और संपत्ति को आशीर्वाद मानकर विवाद का कारण नहीं बनाना चाहिए। अदालत ने सुझाव दिया कि परिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों को लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए।
