डेस्क:वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का बजट आकार, सोच और संकेत तीनों स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक संदेश देता दिखा है। करीब 9.13 लाख करोड़ रुपये का यह बजट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, ऐसे में इसकी राजनीतिक अहमियत भी साफ है क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। योगी सरकार ने इस बजट को सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम और तकनीक आधारित समृद्धि की थीम से जोड़ा है। हम आपको बता दें कि नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान और पूंजीगत व्यय पर दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का जोर इस बात का संकेत है कि सरकार सड़क, सेतु, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और डिजिटल ढांचे पर आक्रामक निवेश जारी रखना चाहती है। पूंजीगत व्यय को रोजगार सृजन का इंजन मानते हुए यूपी सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, उद्योग और पुलिस सुदृढ़ीकरण पर बड़े प्रावधान गिनाए। चिकित्सा शिक्षा, नए मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, स्मार्ट स्कूल, युवा सशक्तिकरण के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन, एमएसएमई प्रोत्साहन, डिफेंस इंडस्ट्रियल कोरिडोर, एआई मिशन और डाटा सेंटर जैसे कदम विकास को बहु आयामी दिशा देने की कोशिश दिखाते हैं। पर्यटन, संस्कृति और तीर्थ विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सुरेश खन्ना ने बताया कि उप्र श्री नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद द्वारा नैमिषारण्य क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना विकास के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इसके अलावा विंध्यवासिनी धाम तथा वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
