डेस्क:केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस सांसदों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अध्यक्ष के कक्ष में अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्टी पर जानबूझकर संसद की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा प्रधानमंत्री को सुरक्षा संबंधी चेतावनी दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों का आचरण अस्वीकार्य है। यह घटना बिरला द्वारा गुरुवार को दिए गए उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ कांग्रेस सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की सीट के पास जाकर अभूतपूर्व घटना को अंजाम देने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में उपस्थित न होने की सलाह दी थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में कांग्रेस सांसदों के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। जब कांग्रेस पार्टी के नेता का खुद पर कोई नियंत्रण नहीं है, तो अध्यक्ष ने जो किया वह सही है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के सदन में प्रवेश करते ही कांग्रेस ने हंगामा करने की योजना बनाई थी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के सदन में आते ही उनसे कागजात छीनने की योजना बनाई थी। संसद गुंडागर्दी का स्थान नहीं है। लेकिन जब कांग्रेस सदन में आई, तो हमने संयम बरता। हर चीज की एक सीमा होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाना चाहती है, लेकिन व्यवधान संसदीय कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
