डेस्क: जापान (Japan) में रविवार को हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज करते हुए निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है. इस ऐतिहासिक जनादेश ने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने और अपने महत्वाकांक्षी दक्षिणपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने का स्पष्ट अधिकार दिया है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रचंड जीत पर सनाए ताकाइची को बधाई दी है, जिससे दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
प्रचंड बहुमत और राजनीतिक स्थिरता
जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के अनुसार, ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने अकेले ही 465 सीटों वाले निचले सदन में बहुमत के लिए आवश्यक 233 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 316 सीटें जीतीं. यह 1955 में पार्टी की स्थापना के बाद से एलडीपी का एक रिकॉर्ड प्रदर्शन है. अपनी गठबंधन सहयोगी जापान इनोवेशन पार्टी (इशिन) के साथ मिलकर, सत्तारूढ़ गठबंधन ने दो-तिहाई से अधिक सीटों की सुपरमैजोरिटी हासिल की है. यह जीत ताकाइची के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, जिन्होंने पदभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद यह मध्यावधि चुनाव कराया था, ताकि अपनी नीतियों के लिए मतदाताओं से सीधा जनादेश प्राप्त किया जा सके. यह 36 वर्षों में जापान का पहला मध्य-शीतकालीन चुनाव था.
पीएम मोदी की बधाई और भारत-जापान संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को प्रतिनिधि सभा के चुनावों में उनकी “ऐतिहासिक जीत” पर हार्दिक बधाई दी है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री ताकाइची के सक्षम नेतृत्व में भारत-जापान की मित्रता नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। यह बधाई दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को रेखांकित करती है.
ताकाइची का एजेंडा और भविष्य की दिशा
सनाए ताकाइची ने अपने चुनावी अभियान में जापान को मजबूत और समृद्ध बनाने की नीतियों पर जोर दिया था, जिसमें अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना और चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक सख्त रुख अपनाना शामिल है. उनकी इस जीत को जापान की सुरक्षा रणनीति को सुदृढ़ करने और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका का विस्तार करने की दिशा में एक मजबूत समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. ताकाइची, जो 2025 में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, ने अपने करिश्मा और नवीनता के आकर्षण से युवा मतदाताओं को आकर्षित किया है. इस जनादेश के साथ, उनकी सरकार राजकोषीय स्थिरता, रक्षा आधुनिकीकरण और प्रशासनिक स्थायित्व पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार है.
जापान के आम चुनाव में सनाए ताकाइची की शानदार जीत न केवल उनके राजनीतिक करियर में एक मील का पत्थर है, बल्कि जापान के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ भी है. यह जनादेश उन्हें देश की चुनौतियों का सामना करने और अपनी दूरदर्शी नीतियों को लागू करने के लिए आवश्यक शक्ति प्रदान करता है. भारत जैसे प्रमुख सहयोगियों से मिली बधाई के साथ, ताकाइची का नेतृत्व जापान को एक नए युग में ले जाने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार है.
