डेस्क:अगर आप अक्सर हवाई सफर करते हैं, तो यह खबर आपको डरा सकती है। भारत के आसमान में उड़ने वाला हर दूसरा विमान तकनीकी रूप से पूरी तरह ‘फिट’ नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़ों ने भारतीय एयरलाइन्स की सुरक्षा और उनके रखरखाव (Maintenance) की पोल खोल दी है। सरकारी डेटा के मुताबिक, देश के बेड़े में शामिल आधे विमानों में बार-बार तकनीकी खामियाँ (Recurring Snags) सामने आ रही हैं, जो किसी भी बड़े हादसे को दावत दे सकती हैं। इस सूची में सबसे डरावनी स्थिति एयर इंडिया ग्रुप की है, जिसके 72 फीसदी विमानों में बार-बार खराबी दर्ज की गई है। सरकार ने बताया कि पिछले साल जनवरी से छह शेड्यूल्ड एयरलाइंस के 754 विमानों का बार-बार होने वाली खराबी के लिए विश्लेषण किया गया। इनमें से 377 विमानों में बार-बार खराबी पाई गई।
इंडिगो के सबसे ज़्यादा विमानों की समीक्षा की गई। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन को लिखित जवाब में बताया कि 3 फरवरी तक इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया, और 148 में बार-बार खराबी पाई गई।
