डेस्क: भारतीय संगीत जगत के लिए एक भावुक और ऐतिहासिक पल में मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। यह जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की, जिसके साथ ही हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली संगीत यात्राओं में से एक का समापन हो गया। अपने संदेश में अरिजीत सिंह ने सालों से मिलते आ रहे दर्शकों के प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह फिल्मों के लिए बतौर प्लेबैक सिंगर कोई नया काम नहीं करेंगे। यह घोषणा सामने आते ही म्यूजिक इंडस्ट्री और दुनियाभर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों के बीच भावनाओं की लहर दौड़ गई।
अरिजीत का आखिरी गाना
प्लेबैक सिंगिंग से विदा लेते हुए अरिजीत सिंह का आखिरी रिलीज हुआ गीत सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का देशभक्ति गीत ‘मातृभूमि’ है। यह गीत न केवल देश और उसके वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि अरिजीत के संगीत सफर को एक गरिमामय विदाई भी प्रदान करता है। ‘मातृभूमि’ पहले ही श्रोताओं के दिलों को छू चुका है। अरिजीत सिंह की भावनात्मक और असरदार आवाज गीत को एक गहरी संवेदनशीलता देती है, जो उनके पूरे करियर की पहचान रही है। यही कारण है कि यह गीत उनके प्लेबैक करियर का एक यादगार अंतिम अध्याय माना जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ करियर
अपने करियर के दौरान अरिजीत सिंह ने रोमांटिक बैलेड्स से लेकर दमदार देशभक्ति गीतों तक, बॉलीवुड संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी गायकी ने न केवल फिल्मों की आत्मा को मजबूती दी, बल्कि संगीत प्रेमियों की एक पूरी पीढ़ी को गहराई से प्रभावित किया। अरिजीत सिंह भारतीय संगीत जगत के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय गायकों में से एक हैं। उनका जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जियागंज में हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से की, हालांकि असली पहचान उन्हें 2013 में फिल्म ‘आशिकी 2’ के सुपरहिट गीत ‘तुम ही हो’ से मिली। इस गाने ने उन्हें रातोंरात देश का सबसे पसंदीदा प्लेबैक सिंगर बना दिया।
गाए 700 से ज्यादा गाने
अरिजीत ने रोमांटिक गीतों, दर्द भरी गजलों, सूफी और देशभक्ति गीतों में अपनी अलग छाप छोड़ी। ‘राब्ता’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘कबीर सिंह’ और ‘ब्रह्मास्त्र’ जैसी फिल्मों के गानों में उनकी भावनात्मक गायकी ने श्रोताओं के दिलों को गहराई से छुआ। उन्होंने कई भाषाओं में गीत गाए और कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। अरिजीत सिंह का करियर भारतीय सिनेमा में भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति का प्रतीक माना जाता है। अपने इस लंबे करियर में अरिजीत ने अलग-अलग भाषाओं में 700 से ज्यादा गानों को आवाज दी है।
