
दरभंगा। इस बार शुक्रवार 23 जनवरी को सरस्वती पूजा मनाई जाएगी। जिसे लेकर तैयारी जोर-जोर से चल रही है और मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना को लेकर युवाओं में गजब का उत्साह नजर आ रहा है। शहर में विभिन्न जगहों पर मूर्तिया मूर्तिकारों के द्वारा बनाई जाती है। जिसमें हसन चौक, मौलागंज, चट्टी चौक के निकट, रामबाग किला के निकट सहित विभिन्न जगहों पर हर साल विभिन्न पूजा के अवसरों पर विशेष कर सरस्वती पूजा पर मूर्तियां बनाई जाती है। मूर्तिकारों ने बताया पिछले वर्ष से इस वर्ष मूर्तियों की मांग ज्यादा है, मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि समय पर मूर्तियां सभी को मिल जाए। मौलागंज के मूर्तिकारों ने बताया इस बार पहले से ज्यादा डिमांड मूर्तियों की हो रही है। ऑर्डर दे चुके हैं पहले उसके लिए तैयारी चल रही है और मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 1 हजार से लेकर 3 हजार,5 हजार,10 हजार, 15 हजार, 25 हजार, 30 हजार, 35 हजार से अधिक तक की मूर्तियां बनाई गई है। कुछ मूर्तियां बनकर तैयार है तो कुछ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जैसे-जैसे समय नजदीक आती जा रही है, युवाओं में उमंग उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित विश्वनाथ शास्त्री बताते हैं की देवी पूजन प्रातः कालीन उत्तम होगा। सुबह 9.20 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक अधपहरा है, इसलिए या तो 9.20 बजे से पहले या फिर दोपहर 12 के बाद पूजन करना चाहिए। सार्वजनिक पूजन स्थलों पर पंडाल का निर्माण आरंभ हो चुकी है और अंतिम रूप दिया जा रहा है मूर्तिकार भी प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे और प्रतिमा को अंतिम रूप देने में दिन-रात लगा दिया हैं। बता दें 23 जनवरी को ऋतुराज बसंत के स्वागत संग श्रद्धालु भगवती सरस्वती की 24 जनवरी की रात 10.49 बजे तक षष्ठी प्रतिमा विसर्जन के लिए पूरे दिन मुहूर्त बन
रहा है। इसलिए 23 जनवरी की रात 12.22 बजे के बाद से ही षष्ठी तिथि आरंभ हो रही है, जो 24 जनवरी की रात 10.49 बजे तक रहेगी।
हजारों की संख्या में लोग अपने घर में प्रतिमा स्थापित कर जहां देवी सरस्वती का पूजन करने की तैयारी में है। शहरी क्षेत्र में सैकड़ों स्थल पर सार्वजनिक पूजा की तैयारी चल रही है।