डेस्क: ईरान (Iran) ने भारत (India) के दो तरल प्राकृतिक गैस (LPG) वाले टैंकरों (Tankers) को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है। यह मार्ग दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों से एक है और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कई जहाज इस संकरे जलमार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने क्या कहा?
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि शत्रुता के बावजूद ईरान ने इस रणनीतिक जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा, जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन मौजूदा हालात और परिस्थितियों के कारण जहाज आसानी से नहीं गुजर पा रहे हैं। ईरान कभी इसे बंद नहीं करना चाहता था। कुछ जहाज अभी भी गुजर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से अमेरिका पर दबाव डालने का भी अनुरोध किया, ताकि यह संघर्ष समाप्त हो और युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में आ रही तेजी को रोका जा सके।
उन्होंने कहा, जिसने यह युद्ध शुरू किया, वही इसे रोक सकता है। दुनियाभर के लोग इस युद्ध के कारण पीड़ित हैं। दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव डालना चाहिए, ताकि इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोका जा सके।
होर्मुज जलमडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक बाजार में अस्थिरता
पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ और इसमें अमेरिका व इस्राइल एक तरफ और ईरान दूसरी तरफ हैं। ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इस्राइल के हमलों में मौत के बाद यह संघर्ष और तेज हो गया। इसके जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों और अमेरिकी और इस्राइल से जुड़े लक्ष्यों पर हवाई हमले किए, जिससे समुद्री यातायात प्रभावित हुआ और वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया। यह संघर्ष अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
