
दरभंगा। आगामी 28 जनवरी को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर नगर की सीनेट बैठक होनी है। ऐसे में बुधवार कुलपति, प्रो संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आहूत अभिषद की बैठक महत्त्वपूर्ण रही। अपराह्न 12.30 बजे हाइब्रिड – मोड में कुलपति आवासीय कार्यालय में आहूत इस बैठक में बजट के साथ ही प्रशासनिक और शैक्षणिक मुद्दों से संबंधित पटल पर रखे मदो के संवर्द्धन हेतु सदस्यों ने अपने विचार रखें। सिंडिकेट सदस्य सांसद, गोपालजी ठाकुर ने पटल पर एलएनएमयू अंतर्गत डब्लूआईटी में आधारभूत संरचना को विकसित करने की दिशा में किए गए प्रयासों, बिरौल सरीखे मुख्यालय से सुदूर अंगीभूत कॉलेजों में इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम कोर्स संचालित करने और सीएम लॉ कॉलेज में इंटीग्रेटेड एलएलएम, पीएचडी कोर्सेज शुरु करने संबंधित प्रश्न उठाए। इसके अलावा श्री ठाकुर ने मनोकामना मंदिर के दक्षिण में अवस्थित पार्क के सौंदर्यीकरण एवं इंडोर स्टेडियम निर्माण की प्रगति प्रतिवेदन पर भी अपनी बात रखी। पटल पर रखें प्रश्नों के जवाब में डब्लूआईटी निदेशक ने संस्थान की शैक्षणिक, संरचनात्मक विकास की ओर सदस्यों का ध्यानाकर्षण करते हुए बताया संस्थान की कुल 22 एकड़ जमीन में 10 एकड़ अधिग्रहित कर 200 बेड का छात्रावास, आईटी पार्क, सोलर पैनल, कैंटीन जैसी सुविधाओं पर कार्य जारी है। स्मार्ट क्लास रूम के साथ ही केमिस्ट्री लैब,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संबंधित लैब्स को भी विकसित किया जा रहा है। लॉ कॉलेज में नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना पर कार्य जारी है। इस बाबत बिहार सरकार और उच्च न्यायालय के नियम – परिनियम का अनुपालन किया जा रहा है। विधि संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु चार वरिष्ठ अधिवक्ताओं को दायित्व भी सौंपा गया है। इंडोर स्टेडियम और एक हज़ार सीटिंग कैपेसिटी वाले खेल मैदान का कार्य निर्बाध गति से चल रहा है। नैक प्रत्यायन के पश्चात् पाठ्यक्रम, अनुसंधान, आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट लैब्स के सकल मूल्यांकन रिर्पोट के बाद इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स संचालित की जाएंगी। 28 जनवरी को सीनेट बैठक में वित्तीय परामर्शी द्वारा दिए जाने वाले बजट अभिभाषण पर विचार करते हुए सिंडिकेट सदस्यों ने संबंधित राशि के आय- व्यय का स्रोत बजट में इंगित करने की सलाह दी। बिहार अधिनियम 1976 की धारा 47(3) के अंतर्गत वित्त समिति द्वारा अनुशंसित विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2026- 2027 के लिए प्रस्तावित आय – व्यय पर विचार करते हुए सर्व सम्मति से अनुमोदित किया गया। विद्वत परिषद् की बैठक में अनुपालित खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय की स्व. वित्तपोषित योजना के तहत स्थापना पर सिंडिकेट सदस्यों ने अपनी सहमति देते हुए उसे पास किया। इस नए निदेशालय के निर्माण हेतु डॉ नागेंद्र झा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर हॉल को प्रशासनिक भवन, मोती महल परिसर के सामने स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल भवन को शैक्षणिक भवन के रुप में उपयोग में लाए जाने के बाबत एक करोड़ बाईस लाख तिरसठ हज़ार चार सौ चौंतीस रुपए की प्राक्कलन राशि के व्यय को जनप्रतिनिधि कोश से अनुमोदित करने के क्रम में सदस्यों की सहमति के पश्चात् अभिषद अध्यक्ष ने नव निर्वाचित विधायक, सुजीत कुमार पासवान को इसका समन्यवक घोषित किया। सुजीत के समन्वय में समिति माननीय जनप्रतिनिधि सदस्यों द्वारा इसके निर्माण कार्य में सहयोग की अनुशंसा करेगी।बुनियादी संरचना के निर्माण कार्य के साथ ही खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के तैयार मसौदे ऑर्डिनेंस एवं विनियम के प्रारूप को अवलोकन के बाद सदस्यों ने अनुमोदित किया। महत्त्वपूर्ण बैठक में समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर के खेल मैदान के सीमांकन, चारदीवारी निर्माण के लिए अनुमानित 83 लाख,श्यामा माई मंदिर परिसर के पीछे स्थित शिक्षक आवास की सुरक्षा हेतु चारदीवारी निर्माण और मोटर गैराज निर्माण के लिए भी कुल अनुमानित राशि 42 लाख का आवंटन सदस्यों द्वारा अनुपालित किया गया। बहुउद्देशीय भवन के संपूर्ण जीर्णोद्धार के लिए भी 1 करोड़, 71 लाख की अनुमानित राशि पर स्वीकृति की मुहर लगी। संगीत विभाग के लिए नए स्थान आवंटित होने के क्रम में संपूर्ण भवन के विद्युतीकरण एवं जल आपूर्ति, शौचालय के लिए लगभग 25 लाख रुपए की प्राक्कलित राशि की स्वीकृति पर अभिषद सदस्यों ने सहमति जताई। इस भवन के अत्याधुनिकीकरण, फर्श निर्माण, रंग – रोगन, नए दरवाज़े, खिड़कियों आदि के लिए भी लगभग 51 लाख रुपए की अनुमानित राशि को सिंडिकेट सदस्यों ने सर्व सम्मति से अनुमोदित किया। बैठक में सांसद, गोपालजी ठाकुर, राज्य सभा सांसद श्री फैय्याज अहमद, प्रो बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, प्रो दिलीप कुमार चौधरी, प्रो अशोक मेहता, प्रो विजय कुमार यादव, प्रो हरि नारायण सिंह, वित्तीय परामर्शी इंद्र कुमार, डॉ धनेश्वर प्रसाद, मीना झा,विधायक, सुजीत कुमार, डॉ अमर कुमार, डॉ अनिल कुमार चौधरी, डॉ बीरेंद्र कुमार चौधरी, डॉ गुलाम सरवर, कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा उपस्थित रहीं।