
दरभंगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा उत्तरी बिहार में मखाना व्यवसाय में नवाचार उद्यमिता की संभावना” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ विजय सेन पांडेय, समन्वयक, इग्नू अध्ययन केंद्र सीएम कॉलेज, दरभंगा ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीएम कॉलेज दरभंगा के प्राचार्य डॉ मुस्ताक अहमद ने कहा देशभर में प्रतिदिन 136 स्टार्टअप विकसित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा 34440 स्टार्टअप महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड हुए जिसमें 1200 बंद हुए, बिहार में 4187 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए एवं 96 बंद हुए। इस संबंध में उन्होंने विकसित देश एवं विकासशील देशों के मध्य अंतर को रेखांकित किया तथा यह बताया कि जिस देश में हम लोग रह रहे हैं वहां ऐसे रोजगार का सृजन करें जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। उस क्षेत्र की राजनीतिक एवं भौगोलिक स्थिति को देखते हुए स्टार्टअप पर काम किया जा सकता है। इन चीजों को देखना होगा कि बाजार में जिन चीजों की मार्केटिंग ज्यादा हो रही है उससे संबंधित चीजों पर स्टार्टअप के रूप में काम करना होगा। उन्होंने कृषि पर आधारित दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली चीजों पर स्टार्टअप विकसित करने की बात कही। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ मनोज कुमार, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान संस्थान, दरभंगा ने इस संबंध में विस्तार से बताया और कहा कि उत्तर बिहार की मौलिक विकास की संभावनाएं नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में है। बिहार को विकसित बनाने के लिए उद्यमिता का विकास अनिवार्य है। उद्यमिता में युवाओं की के लिए अवसर 99% है जबकि सरकारी नौकरी में उनकी संभावना मात्र एक प्रतिशत है। युवाओं के लिए उद्यमिता का रास्ता ज्यादा सहज एवं अनुकूल है। सरकारी नौकरियों में संभावनाएं कम हैं। अब उद्यमिता के क्षेत्र से जुड़ने की जरूरत है। आपने जोड़ा कि अशिक्षित व्यक्ति में बेरोजगारी की संभावना कम है, उच्च शिक्षा के साथ बेरोजगारी की समस्या अधिक बढ़ती जाती है। आपकी जानकारी की उपयोगिता कितनी है, इस पर ही आपके रोजगार उपलब्ध होने की संभावना बनती है। मार्केट में जिसकी डिमांड ज्यादा हो, जिसको तुरन्त बढ़ाया जा सके, आप उस व्यवसाय को शीघ्र बढ़ा सके। आने वाले समय में उसकी मांग और बढ़ने वाली है। आगे उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के मखाना उत्पादन का 85 से 90% भारत में होता है एवं विशेष रूप से उतरी बिहार में होता है मखाना में पोटाश, मैग्नीशियम, फास्फोरस, औषधीय गुण एवं पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिसमें मधुमेह से लड़ने के गुण बचपन और मोटापे की समस्या न होने के औषधीय गुण पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में संभावनाएं आपके घर में हैं तो इस क्षेत्र में काम करके आगे बढ़ सकते हैं, बस जरूरत यह है कि आप कौशल सीखें। आपने मखाना के क्षेत्र में उद्यमिता के द्वारा रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं तथा युवतियों के अनेक उदाहरण का उल्लेख कर बताया कि इनमें से अनेक युवा, बिना पूंजी तथा बिना किसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के इस व्यवसाय में सिर्फ रुचि होने के कारण आए और आज सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हैं। उन्होंने मखाना के विभिन्न उत्पादों के बारे में बताते हुए कहा कि करीब 30 प्रोडक्ट्स इस समय मखाने में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि हम 90% मखाने का उत्पादन कर रहे हैं किंतु निर्यात एक प्रतिशत ही हम कर पा रहे हैं।
उन्होंने 2019 से चलाए जा रहे मखाना विकास योजना एवं प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना के बारे में भी उल्लेख किया। उन्होंने मिथिला मखाना को दिए गए जीआई टैग के साथ मिथिला मखाना को ब्रिटेन जैसे देशों में निर्यात की संभावना पर भी प्रकाश डाला। मखाना के क्षेत्र में नई स्टार्टस अप को स्थापित करने हेतु सरकार एवं विभिन्न मंत्रालयों द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का भी उल्लेख किया। संसाधनों का अभाव हमारी सफलता में कभी बाधक नहीं बनता है कह कर अपनी वाणी को विराम दिया। धन्यवाद ज्ञापन इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने कहा विगत 10 वर्षों में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप देश में स्थापित हुए हैं। भारत सरकार द्वारा विद्यार्थियों हेतु नेशनल मेंटरशिप पोर्टल (मार्ग) स्टार्टअप इकोसिस्टम, यंग लैब तथा उद्योगों में इंटर्नशिप तथा सामुदायिक नवाचार फैलोशिप प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ आपको उठाना चाहिए। स्टार्टअप से ही 2030 तक भारत के अर्थव्यवस्था को 7. 3 ट्रिलियन और 2047 तक एक संपन्न, सुखी और विकसित भारत बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। डॉ संतन कुमार राम क्षेत्रीय निदेशक,इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा ने कहा की इस सत्र में क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों इग्नू अध्ययन केंद्र के कर्मी तथा इग्नू के शिक्षार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।