डेस्क :जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि बदलाव लाने के लिए जनभागीदारी महत्वपूर्ण है और इसकी शुरुआत नागरिकों के मतदान के लिए बाहर निकलने से होती है।
यह वीनर्स नकली दांतों से 300 गुना बेहतर है! और कीमत बहुत सस्ती है
Snap On Smile Veneers
Lou Ferrigno Turned 72, Grab Tissues Before You See Him
Buzz Day
Rich Man Taunts Royal Guard, But The Response Stuns Crowd
Buzz Day
अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बदलाव केवल वही लोग ला सकते हैं जो इसमें भाग लेने के लिए तैयार हों। भाग लेने का मतलब यह नहीं है कि मैं उम्मीदवार के रूप में खड़ा हो जाऊं। भाग लेने का मतलब यह भी होता है कि मैं कम से कम बाहर आकर अपने वोट का इस्तेमाल करूं।’’
अब्दुल्ला मुंबई के ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ (आईआईसीटी) में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आये थे। अब्दुल्ला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मतदान आवश्यक है।
अब्दुल्ला ने कहा कि चाहे जम्मू-कश्मीर हो, महाराष्ट्र हो या मुंबई, लोगों की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि जब नतीजे आएंगे तो वोट ही भविष्य का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल भी कुछ अजीब था। न दोस्त थे, न दुश्मन। दोस्त दुश्मन बन गए और दुश्मन दोस्त। और अजीबो-गरीब रिश्ते बन गए।’’
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘कहीं कांग्रेस और भाजपा ने हाथ मिलाया। कहीं भाजपा और एआईएमएम ने हाथ मिलाया। कहीं एक ही पार्टी के दो हिस्से फिर से एक साथ आ गए। इन सबका नतीजों पर क्या असर होगा? मैं भी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।’’ महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) और अन्य 28 महानगरपालिकाओंके लिए चुनाव हो रहा है।
