डेस्क: ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन ऐसा कि कई लोगों की जान चली गई. हालांकि ईरान की जनता ने हालात को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से सहायता मांगी, जिसका जवाब भी उन्हें बाखूबी मिला. ट्रंप ने ईरानियों की सहायता करने के लिए बड़े ऐलान किए.
हाल ही में ट्रंप सरकार की ओर से ऐलान किया गया था कि यदि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाई गई तो अमेरिकी सरकार अपनी सेना ईरान में उतारेगी. इसपर ईरान का भी जवाब सामने आया. ईरान का कहना है कि यदि अमेरिका ऐसा करता है और किसी भी तरह की स्ट्राइक करता है, तो ये अच्छा नहीं होगा. जाहिर है धमकी में ये भी कहा गया कि अमेरिका और इजराइल को इसका नतीजा भी भुगतना होगा.
कितने लोगों की हुई मौत
क्योंकि पिछले कई दिनों से ये प्रदर्शन जारी है, जाहिर तौर पर इसमें कई लोगों की भी मौत हुई. आंकड़ों की अगर बात की जाए तो मिली जानकारी के अनुसार अब तक 500 लोगों की मौत हो चुकी है. यह रिपोर्ट अमेरिका के ही संगठन की ओर से दी गई है, जहां 490 प्रदर्शनकारियों और 48 सुरक्षा कर्मियों की मौत की खबर सामने आई है. वहीं अब तक 10 हजार से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. संगठन का कहना है कि यह आंकड़े ईरान के भीतर और बाहर मौजूद एक्टिविस्ट नेटवर्क के जरिए जुटाए गए हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
अमेरिका के कई सैन्य अड्डों पर करेगा हमला
ईरान में जारी प्रदर्शन सरकार के खिलाफ कम और अमेरिका और ईरान के बीच ज्यादा दिखाई पड़ रहा है. ऐसा कहने के पीछे का भी कारण है कि दोनों देशों की ओर से एक दूसरे को धमकाया जा रहा है. एक धमकी का जवाब दूसरा देश बाखूबी उसी जवाब में दे रहा है. अमेरिका का सेना उतारने वाली बात का ईरान ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी तरह की गलत गणना करना उनके लिए भूल साबित हो सकती है, यानी यदि अमेरिका ईरान में स्ट्राईक करता भी है तो ईरान इसका जवाब इजराइल में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला करके देगा. ये चेतावनी क़ालिबाफ की ओर से दी गई है, जो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर भी रह चुके हैं.
