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कांतारा से दशावतार तक… ऑस्कर की रेस में 5 भारतीय फिल्मों की एंट्री, बनेगा रिकॉर्ड?

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार ऑस्कर अवॉर्ड्स 2026 को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं. हाल ही में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने उन फिल्मों की आधिकारिक सूची जारी की है, जो इस साल ऑस्कर की विभिन्न श्रेणियों के लिए पात्र मानी गई हैं. इस लिस्ट के सामने आते ही भारतीय सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्साह का माहौल बन गया है, क्योंकि इस बार भारत की 5 फिल्मों ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.

यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय सिनेमा अब सिर्फ घरेलू दर्शकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसकी कहानी, प्रस्तुति और संवेदनाएं अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं.

ऑस्कर 2026 की एलिजिबल फिल्में

एकेडमी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल कुल 317 फिल्में ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए योग्य पाई गई हैं. यह संख्या पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम है, जब 323 फिल्मों को पात्र माना गया था.

सबसे अहम बात यह है कि ‘बेस्ट पिक्चर’ जैसी सबसे प्रतिष्ठित श्रेणी के लिए 201 फिल्मों को एलिजिबल घोषित किया गया है.

हाल के वर्षों में एकेडमी ने ‘इन्क्लूजन और विविधता मानकों’ (Representation & Inclusion Standards) को लागू किया है. इन मानकों को पूरा करने के लिए फिल्म निर्माताओं को एक विस्तृत फॉर्म भरना होता है. माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के कारण कई डॉक्यूमेंट्री और एनिमेटेड फिल्मों ने इस बार आवेदन नहीं किया. यही वजह है कि ‘के-पॉप डेमन हंटर्स’ जैसी चर्चित एनिमेटेड फिल्म भी मुख्य सूची में जगह नहीं बना पाई.

इसके बावजूद, इस साल की सूची में भारतीय फिल्मों की मजबूत मौजूदगी खास ध्यान खींच रही है.

ऑस्कर 2026 की रेस में 5 भारतीय फिल्में

1. कांतारा चैप्टर 1

ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले ही जबरदस्त सफलता हासिल कर ली है. लोककथाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी इस कहानी ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया.

अब सवाल यह है कि क्या यह फिल्म ‘आरआरआर’ की तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारतीय सिनेमा का परचम लहरा पाएगी? फिल्म की ऑस्कर लिस्ट में एंट्री ने फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं.

2. दशावतार

मराठी सिनेमा से आई फिल्म ‘दशावतार’ की ऑस्कर रेस में एंट्री कई लोगों के लिए चौंकाने वाली रही है. यह फिल्म कोंकण क्षेत्र की पारंपरिक लोककला ‘दशावतार’ को आधुनिक दौर की समस्याओं से जोड़ती है.

फिल्म में एक ओर लोकसंस्कृति की खूबसूरती दिखाई गई है, तो दूसरी ओर माइनिंग जैसे मुद्दों से पैदा हो रही सामाजिक परेशानियों को भी प्रभावशाली तरीके से पेश किया गया है. अपनी जड़ों से जुड़ी यह कहानी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भी आकर्षित कर सकती है.

3. तन्वी द ग्रेट

अनुपम खेर के निर्देशन में बनी ‘तन्वी द ग्रेट’ अपनी सादगी, भावनात्मक गहराई और मानवीय संवेदनाओं के लिए चर्चा में है.

यह फिल्म भव्यता के बजाय दिल को छू लेने वाली कहानी पर भरोसा करती है. दर्शकों और समीक्षकों का मानना है कि इस तरह का ईमानदार और संवेदनशील सिनेमा ऑस्कर जैसी प्रतियोगिता में अलग पहचान बना सकता है.

4. होमबाउंड

फिल्म ‘होमबाउंड’ को इस साल भारत की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री के रूप में चुना गया है. इस फिल्म को करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन ने प्रोड्यूस किया है.

फिल्म में ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और विशाल जेठवा अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं. आधिकारिक एंट्री होने के चलते ‘होमबाउंड’ को भारत की ओर से सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

5. सिस्टर मिडनाइ

हालांकि ‘सिस्टर मिडनाइट’ का निर्माण एक यूके प्रोडक्शन हाउस ने किया है, लेकिन इसकी कहानी पूरी तरह भारतीय पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई है.

इस फिल्म का निर्देशन ब्रिटिश-इंडियन फिल्ममेकर करण कंधारी ने किया है और इसमें राधिका आप्टे, अशोक पाठक और छाया कदम अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं. अंतरराष्ट्रीय निर्माण और भारतीय कहानी का यह मेल इसे ऑस्कर रेस में खास बनाता है.

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