बिहार

दाखिल-खारिज में बड़ी तेजी: 9 दिनों में 11,000 से अधिक मामलों का निपटारा, डिप्टी सीएम की सख्ती का असर

बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। Bihar Land Mutation: नई सरकार के गठन के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का प्रभार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को मिला। इस क्षेत्र में सुधार की गुंजाइश को देखते हुए उन्होंने शुरू से ही सख्त रुख अपना रखा है।इसका प्रभाव दिखने लगा है।

 

बिहार में वर्षों से भू-स्वामियों के लिए परेशानी का सबब बना दाखिल-खारिज अब पटरी पर आता दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की सख्ती और जनसंवाद कार्यक्रम का असर अब ज़मीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है।

 

जिले में महज नौ दिनों के भीतर 11 हजार 650 दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जो प्रशासनिक इच्छाशक्ति की बड़ी मिसाल मानी जा रही है।दाखिल-खारिज को लेकर अंचल कार्यालयों के चक्कर काटते भू-स्वामी महीनों तक परेशान रहते थे।

 

बावजूद इसके काम की गति बेहद धीमी रहती थी। दिसंबर महीने में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में जब बड़ी संख्या में लंबित मामलों की जानकारी पाई, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी अंचलाधिकारियों को तेजी से निष्पादन का सख्त निर्देश दिया।

 

विशेष अभियान से बदली तस्वीर

 

डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद 22 से 31 दिसंबर तक जिले के सभी 16 अंचलों में विशेष अभियान चलाया गया। लंबित और नए आवेदनों के निष्पादन की जिम्मेदारी तय की गई और इसकी निगरानी अपर समाहर्ता, राजस्व प्रशांत कुमार को सौंपी गई।

अभियान का नतीजा यह रहा कि सिर्फ तकनीकी त्रुटि या विवादित मामलों को छोड़कर, स्पष्ट और निर्विवाद आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर दिया गया।

 

15 हजार से अधिक आवेदन लंबित

 

हालांकि बड़ी सफलता के बावजूद जिले में अब भी 15 हजार 736 दाखिल-खारिज आवेदन लंबित हैं। इनमें 35 दिन, 75 दिन और 120 दिन से अधिक समय से अटके मामले शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि इन आवेदनों की भी चरणबद्ध जांच कर जल्द निष्पादन की प्रक्रिया जारी है।

 

मुशहरी अंचल में सबसे अधिक मामले

 

दाखिल-खारिज के सबसे अधिक आवेदन मुशहरी अंचल में हैं। यहां 25 पंचायतों के साथ नगर निगम के 49 वार्ड शामिल हैं, जिससे दबाव अधिक है। फिलहाल मुशहरी में 3464 आवेदन लंबित हैं।

जिले के अन्य अंचलों की बात करें तो 97 से 98 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। मोतीपुर अंचल में सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 99 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन हुआ है।

 

अंचलवार लंबित आवेदनों की स्थिति

 

औराई (784), बंदरा (278), बोचहां (1192), गायघाट (777), कांटी (1606), कटरा (517), कुढ़नी (1767), मड़वन (520), मीनापुर (1334), मुरौल (136), मोतीपुर (664), मुशहरी (3464), पारू (625), साहेबगंज (759), सकरा (575), सरैया (738)।

कुल मिलाकर जिले में 15,736 आवेदन अब भी लंबित हैं।

 

प्रशासन सख्त, अभियान जारी

 

इस संबंध में अपर समाहर्ता, राजस्व प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन दाखिल-खारिज आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” रैयतों का मानना है कि इसी तरह से काम होता रहे तो न केवल दाखिल खारिज वरन अन्य मामले भी जल्द

से जल्द निष्पादित हो जाएंगे।

 

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