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भारत के रक्षा शक्ति के गौरवशाली इतिहास का जीवंत उदाहरण है सामरिक संग्रहालय,सामरिक दृष्टिकोण से भारत का आत्मनिर्भर होना पीएम मोदी के नेतृत्व का परिणाम : डा गोपाल जी ठाकुर

सांसद ने किया रक्षा मंत्रालय के सामरिक संग्रहालय का निरीक्षण, बताया राष्ट्र गौरव का प्रतीक

दरभंगा। भारत सामरिक दृष्टिकोण से आत्म निर्भर बन चुका है। नौसेना, वायु सेना तथा थल सेना हर दृष्टिकोण से देश की आंतरिक तथा वाह्य सुरक्षा के मुद्दे पर सक्षम और सामर्थ्यवान साबित हो रहा है। पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत की सैन्य शक्ति दुनिया के लिए एक उदाहरण साबित हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद सह लोकसभा में पार्टी की सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के अध्ययन दौरे के क्रम में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम प्रवास के दौरान रक्षा मंत्रालय के विभिन्न सामरिक संग्रहालयों का निरीक्षण करने के बाद उपरोक्त बातें कही है। सांसद डा ठाकुर ने आर.के. बीच स्थित सबमरीन म्यूज़ियम, सी हारियर जेट, हेलिकॉप्टर एवं विशाखा म्यूज़ियम का अवलोकन करने के बाद इसे राष्ट्र गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि ये संग्रहालय भारत की नौसैनिक, वायु एवं रक्षा शक्ति के गौरवशाली इतिहास के जीवंत प्रतीक हैं। आईएनएस, कुरुसुरा पनडुब्बी और सी हैरियर जैसे सैन्य उपकरण न केवल भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाता है बल्कि ये इस बात के सबूत है कि सामरिक दृष्टिकोण से भारत आत्म निर्भर बन चुका है। सामरिक दृष्टिकोण से भारत की आत्मनिर्भरता के लिए देश की रक्षा नीति की जमकर सराहना करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह की दृढ़ रक्षा नीति का परिणाम है कि आज विश्व स्तर पर सशक्त भारत की परिकल्पना साकार हो रही है।

सांसद डा ठाकुर ने इन संग्रहालयों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा है कि नौसेना के इतिहास तथा समुद्री विमानन को समझने तथा इसमें रुचि रखने वालों के अध्ययन के लिए यह महत्वपूर्ण करी साबित हो रहा है। सांसद डा ठाकुर ने विशाखा सामरिक संग्रहालय, साबरमीन संग्रहालय तथा सी हैरियर संग्रहालय को रक्षा के क्षेत्र में जीवंत दस्तावेज बताते हुए कहा हैं कि यह संग्रहालय भारत का पहला और एकमात्र उदाहरण है जो एक वास्तविक पनडुब्बी के अंदर स्थापित है तथा जिसके माध्यम से पानी के अंदर की गतिविधियों को अनुमान के जरिए जाना जा सकता है। सांसद डा ठाकुर ने इस तरह के संग्रहालय को भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा है कि विशाखापट्टनम जैसे सामरिक नगर में ऐसे संग्रहालय नई पीढ़ी में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाने में सक्षम साबित हो रहा है।

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