प्रादेशिक बिहार

अमेरिका, निकोलस मादुरो के बाद किन अन्य नेताओं को निशाना बना सकता है

वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को अमेरिका ने एक स्पेशल ऑपरेशन के जरिए अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मादुरो के साथ उनकी पत्नी भी हैं. कहा जा रहा है कि मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ने वेनेजुएला में तख्तापलट कर दिया है.वेनेजुएला में अमेरिका के इस ऑपरेशन ने दुनिया के 4 देशों के सुप्रीम लीडर को डरा दिया है. इनमें से 2 तो भारत के पड़ोसी मुल्कों के मुखिया हैं. दरअसल, ये चारों ही देश वेनेजुएला की तरह ही अमेरिका की रडार पर लंबे वक्त से हैं. माना जा रहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के बाद अपना अगला ऑपरेशन इन्हीं देशों में शुरू कर सकता है.

 

कौन-कौन नेता रडार पर?

 

1. गुस्तावो पेट्रो- कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो को भी अमेरिका मारना चाहता है. मंगलवार (23 दिसंबर) को ट्रंप ने पेट्रो को सरेआम धमकी दी थी. द हिल्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि पेट्रो को अपनी जान की चिंता करनी चाहिए. उसे अपने बारे में सोचने की जरूरत है. कोलंबिया पर भी वेनेजुएला की तरह ही ड्रग्स तस्करी का आरोप है.

 

ट्रंप के मुताबिक कोलंबिया की सरकार तस्करों को बढ़ावा देती है. इसका सीधा असर अमेरिका पर हो रहा है. हम अपने लोगों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. ट्रंप वेनेजुएला के बाद अब सीधए कोलंबिया के राष्ट्रपति को निशाने पर ले सकते हैं.

 

2. अली खामेनेई- ईरान के सुप्रीम लीडर हैं. ईरान में इन्हें सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. अमेरिका की रडार पर खामेनेई लंबे समय से हैं. हाल ही में सरकार विरोधी प्रदर्शन ने ईरान की टेंशन बढ़ा दी है. अमेरिका ने खुले तौर पर ईरान में एंट्री की बात कही है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पहले से ही बैकफुट पर है. वेनेजुएला के बाद अमेरिका ईरान की तरफ ही रूख करेगा.

 

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री के बीच बातचीत हुई है. इजराइल को ईरान का दुश्मन नंबर-1 माना जाता है. जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर अटैक किया था. 12 दिन तक यह युद्ध चला था.

 

3. हिबतुल्लाह अखुनजादा- तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुनजादा को भी अमेरिका खत्म करना चाहता है. अमेरिका अखुनजादा को आतंकी मानता है और तालिबान शासन का विरोध करता है. अमेरिका की कोशिश तालिबान के बगराम एयरबेस को वापस पाने की है. ट्रंप खुले तौर पर कह चुके हैं कि वो किसी भी कीमत पर उसे वापस लेंगे.

 

दूसरी तरफ अखुनजादा की सरकार ने इसे अमेरिका को न देने की कसम खाई है. कहा जा रहा है कि ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन तालिबान में भी जल्द ही खेल कर सकता है. इसकी स्क्रिप्ट वाशिंगटन में लिखी जा रही है. तालिबान भारत का पड़ोसी मुल्क है.

 

4. मिन आंग लाइंग- म्यांमार के सेना प्रमुख और तानाशाह मिन आंग लाइंग भी अमेरिका के निशाने पर हैं. अमेरिका ने लाइंग पर प्रतिबंध लगा रखा है. लाइंग पर निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव है. हालांकि, लाइंग चीन के चक्कर में सत्ता पर तानाशाही तरीके से काबिज हैं. म्यांमार भी भारत का पड़ोसी मुल्क है.

 

अमेरिका की नजर रखाइन पर है. अमेरिका कॉरिडोर के जरिए म्यांमार में एक अलग रखाइन प्रांत चाह रहा है. हालांकि, उसका ध्यान अभी पूरी तरह म्यांमार पर नहीं गया है।

 

 

 

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