
दरभंगा। जिलाधिकारी, कौशल कुमार ने आज बेनीपुर प्रखंड अंतर्गत महीनाप गाँव का भ्रमण कर नवीन कृषि यंत्रों के माध्यम से धान की कटाई कार्यों का अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों से उनकी फसल कटाई के पश्चात अवशेषों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति की फीडबैक प्राप्त की तथा फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। फसल अवशेष के जलाने से मिट्टी के पोषक तत्वों, कार्बनिक पदार्थ,लाभकारी सूक्ष्म जीवाणुओं का सफाया हो जाता है। इतना ही नहीं हानिकारक गैसों का उत्सर्जन तथा एरोसॉल के कण हवा को प्रदूषित करते हैं हमारे लिए काफी हानिकारक होता है। 1 टन पुआल को जमीन में मिलाने से 10 से 15 किलोग्राम नाइट्रोजन ,30 से 40 किलोग्राम पोटेशियम ,5 से 7 किलोग्राम सल्फर और ऑर्गेनिक कार्बन 600 से 800 किलोग्राम मिलता है ,जो फसलों के लिए काफी लाभकारी होता है। फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। जिससे मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुँचती है। इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है, जिससे भविष्य की फसलों की उत्पादकता प्रभावित होती है। उन्होंने किसानों से अपील किया के वे फसल अवशेष को किसी भी स्थिति में खेतों न जलाएँ। जिलाधिकारी ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों जैसे मल्चर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर आदि कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी तथा बताया कि यंत्रों पर अनुदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया किसानों को समय पर तकनीकी सहायता एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ। इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याओं एवं सुझावों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा,जिनका समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए फसल अवशेष न जलाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन द्वारा भविष्य में भी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को निरंतर प्रेरित किया जाएगा ताकि फसल अवशेष प्रबंधन को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी डॉ.सिद्धार्थ, अनुमंडल पदाधिकारी, अन्य संबंधित पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय सम्मानित किसान आदि उपस्थित थे। अधिकारियों द्वारा किसानों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।
जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने एवं कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।