न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी द्वारा छात्र नेता उमर ख़ालिद के नाम लिखी एक छोटी-सी हाथ से लिखी चिट्ठी ने भारत की राजनीति में बड़ा शोर मचा दिया है। चिट्ठी में ममदानी ने बस इतना लिखा “हम सब आपके साथ हैं”, लेकिन यही लाइन भारतीय जनता पार्टी को नागवार गुज़र गई।
बीजेपी ने इसे सीधे-सीधे “भारत के अंदरूनी मामलों में दख़ल” बता दिया और दो टूक कहा कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं होंगी। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में तंज़ कसते हुए कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाने का हक़ किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं है, चाहे वह न्यूयॉर्क का मेयर ही क्यों न हो।
दिलचस्प बात ये है कि ममदानी की शपथ के बाद उमर ख़ालिद की पार्टनर बनज्योत्सना लाहिड़ी ने यह नोट सोशल मीडिया पर साझा किया और वहीं से मामला राजनीतिक बहस में तब्दील हो गया। एक ओर समर्थक इसे अंतरराष्ट्रीय एकजुटता बता रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे सीमा पार की टिप्पणी मान रही है।
2020 से यूएपीए के तहत जेल में बंद उमर ख़ालिद को हाल ही में बहन की शादी में शामिल होने की इजाज़त तो मिली थी, लेकिन ज़मानत अब भी दूर है। अब सवाल यह नहीं कि चिट्ठी कितनी बड़ी थी, सवाल यह है कि इतनी छोटी चिट्ठी से इतना बड़ा सियासी बवाल क्यों?
आशुतोष झा
