अन्य

लनामिविवि में समर्थ लीव मॉड्यूल ट्रेनिंग कार्यशाला आयोजित  2029 तक विश्वविद्यालय को पेपर – लेस बनाना हमारा लक्ष्य : कुलपति 

दरभंगा। समर्थ भारत सरकार की पहल है, जो शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मंच प्रदान करता है। विश्वविद्यालय शैक्षणिक संस्थान है, ऐसे में समर्थ ई -गवर्नेंस प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा। समर्थ के माध्यम से विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को सुलभता से प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने कहीं।

कुलपति शुक्रवार को आईक्यूएसी के तत्वाधान में आयोजित समर्थ लीव मॉड्यूल ट्रेनिंग पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कुलपति ने अपने संबोधन में आगे कहा कि समर्थ में कुल 44 मॉड्यूल हैं, ऐसे में विचारणीय प्रश्न है कि विश्वविद्यालय में इनका इंप्लीमेंटेशन कैसे हो? हम कैसे आत्मनिर्भर बनें, हम सभी को सोचना है। बिना किसी वेंडर पर आश्रित हुए अपने विश्वविद्यालय को वर्ष 2029 तक कैसे पेपर- लेस बनाएं यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। सभी मॉड्यूल्स को एक साथ लागू करना तकनीकि और व्यावहारिक दृष्टि से संभव नहीं है। ऐसे में क्रमानुसार एक – एक कर मॉड्यूल्स का कार्यान्वयन आवश्यक है। मालूम हो कि विभाग और विश्वविद्यालय के बीच समन्वय स्थापित कर समर्थ पोर्टल को चरणवार लागू किया जाना है। कुलपति ने यूनिफाइड मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम के स्थान पर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन आधारित समर्थ के कुशलतापूर्वक लागू करने के लिए विश्वविद्यालय पदाधिकारियों , विभागाध्यक्षों ,शिक्षकों और कर्मियों से आह्वान किया।

आईक्यूएसी मीटिंग कक्ष में आहूत प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए आईक्यूएसी समन्वयक प्रो मो ज्या हैदर ने कहा कि समर्थ प्लेटफॉर्म, मात्र डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है। विकसित भारत के संकल्प और संकल्प से सिद्धि की ओर समर्थ व समृद्ध भारत की संकल्पना में हम सभी की भागीदारी है। राष्ट्र निर्माण में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शामिल समर्थ पोर्टल के क्रियान्वयन से डिजिटल एजुकेशन का मार्ग प्रशस्त होगा। मो हैदर ने पीपीटी के माध्यम से समर्थ की बुनियादी संरचना पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न प्रकार की छुट्टियों के नियमों और उनकी प्रविधि के अनुपालन को सरलता से समझाया। उन्होंने यह आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मियों के लिए आईक्यूएसी की टीम पूरी तत्परता से खड़ी है। किसी भी जानकारी, सहायता अथवा समर्थ पोर्टल संबंधित जानकारी के लिए वे हमारी टीम से सहायता ले सकेंगे। समर्थ के एसोसिएट नोडल अधिकारी डॉ पी भंजन ने कार्यशाला में शिरकत करने वाले प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं और समस्याओं को पूरी दक्षता से सुलझाया । इस कार्यशाला में स्नातकोत्तर विभागों के अध्यक्ष, डिपार्टमेंटल क्वॉलिटी असेसमेंट कमिटी सदस्य और आईक्यूएसी एसिस्ट कमिटी के सदस्यों ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *