डेस्क :महाराष्ट्र में हुए नगर निकाय चुनाव में असफलता देखने के बाद या फिर बीजेपी और एनडीए का जो प्रचंड बहुमत दिया लोगों ने एनडीए को उसे देखने के बाद एक बार फिर से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को यह लगा है कि साथ आएंगे तो शायद थोड़ी बहुत इज्जत बच सकती है वरना नहीं बचेगी। विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी दोनों भाई एक मंच पर आए थे। हाथ मिलाया था। लेकिन उसके बाद नकर निकाय चुनाव में बहुत ज्यादा कुछ रिजल्ट उसका देखने को नहीं मिला। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि दोनों भाई मिलकर बीएमसी का चुनाव लड़ेंगे।
