
दरभंगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री राजीव रंजन, निजी सचिव, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा द्वारा मुख्य वक्ता का स्वागत एवं अभिनंदन द्वारा किया गया। कार्यशाला की शुरुआत में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने मुख्य वक्ता डॉ कीर्ति चौरसिया, असिस्टेंट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग, मिल्लत कॉलेज, दरभंगा का परिचय प्रस्तुत कर स्वागत किया तथा कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव, दुर्व्यवहार, शोषण एवं चुनौतियों को लेकर सचेत तथा संवेदनशील होने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा क्षेत्रीय निदेशक, डॉ संतन कुमार राम ने बताया की मुख्य वक्ता प्रशिक्षक के रूप में संबोधित करते हुए मनोवैज्ञानिक डॉ कीर्ति चौरसिया ने कार्यस्थल पर यौन दुर्व्यवहार को लेकर मौजूद सुप्रीम कोर्ट के विशाखा गाइडलाइंस तथा इसकी पृष्ठभूमि के रूप में भंवरी देवी केस का आधार बताया। उन्होंने कार्मिकों तथा विद्यार्थियों को कार्यस्थल की परिभाषा स्पष्ट करते हुए स्कूल, कॉलेज, खेल परिसर, कार्यालय, अस्पताल तथा कोई भी प्रतिष्ठान जहां कार्य करने या सेवा लेने के लिए व्यक्ति जाता है को बताया तथा इन स्थलों पर किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक दुर्व्यवहार, अश्लील गानों, इशारों, घूरना, फबती कसना या अश्लील चित्र/ वीडियो दिखाना को इसमें निषिद्ध बताया। आपने यह भी जोड़ा कि कार्यस्थल पर इस तरह की दुर्व्यवहार के विरुद्ध आंतरिक शिकायत अथवा पुलिस में केस दर्ज करने का विकल्प पीड़ित के पास होता है। अतः हमें कार्यस्थल पर गरिमापूर्ण व्यवहार तथा मर्यादापूर्ण आचरण सुनिश्चित करना चाहिए। धन्यवाद ज्ञापन इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के सहायक श्री अशोक कुमार यादव जी ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा इग्नू के शिक्षार्थियों ने भाग लिया।