
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता तथा मुख्य अतिथि प्रो० रमाशंकर दुबे पूर्व कुलपति गुजरात केंद्रीय विश्वविद्याल द्वारा बॉटनी विभाग सहायक आचार्य, डॉ अंकित कुमार सिंह व उनके अनुसन्धान सहयोगियों द्वारा सम्पादित पुस्तक माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण: जीवमंडल के लिए एक खतरा का विमोचन किया गया। डॉ. सिंह एवं उनके सहयोगियों में दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. विजय कुमार, डॉ. प्रदीप सिंह एवं डॉ० शैलेन्द्र कुमार की किताब स्प्रिंगर नेचर प्रकाशन से प्रकाशित हुई है, स्प्रिंगर नेचर एक विश्व-प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह है, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा और मानविकी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शोध सामग्री प्रकाशित करता है। यह संस्था शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को वैश्विक स्तर पर ज्ञान साझा करने का मंच प्रदान करती है। इसका मुख्यालय स्वीटजरलैंड में है। पुस्तक विमोचन में सभी के समक्ष जानकारी साझा की गई। किताब में भारत के प्रतिष्ठित संस्थान बी.एच.यू, डी.यू., इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा आईसीएआर-आईएआरआई नई दिल्ली एवं विदेशों से अमेरिका, इटली, श्रीलंका, स्कॉटलैंड, इजिप्ट, इंडोनेशिया आदि देशों के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक, प्रोफेसर्स एवं रिसर्च स्कॉलर्स के चैप्टर सम्मिलित किए गए हैं। मौके पर निदेशक आईक्यूएसी डॉ. मो जया हैदर, प्रभारी एडवांस रिसर्च सेंटर प्रो. नौशाद आलम, पुस्तकालय प्रभारी प्रो. दमन कुमार झा, उप-कुलसचिव प्रथम डॉ. उमाकांत पासवान, विकास पदाधिकारी डॉ. अभिषेक राय, उप-परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार, डॉ. प्राची मारवाहा, डॉ. लक्ष्मी कुमारी, मेरु परियोजना समन्वयक अमृत कुमार झा, डॉ. प्रणतारती भंजन, डॉ. अटानु बनर्जी, डॉ. अमिताभ कुमार, समन्वयक नई शिक्षा नीति डॉ. संकेत कुमार झा, मोहम्मद जमाल असरफ, गणेश कुमार पासवान एवं शोधार्थी विक्की कुमार महतो एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।