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आयुष्मान कार्ड: 5 गलतियों से बचें, पाएं 5 लाख तक का मुफ्त इलाज

डिजिटल डेस्क :नई दिल्ली। भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक वरदान है, जो सालाना 5 लाख तक का मुफ्त इलाज की सुविधा देता है। लेकिन, एक छोटी सी गलती की वजह से आपका आयुष्मान कार्ड रिजेक्ट हो सकता है।आयुष्मान कार्ड बनवाते समय ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपकी जानकारी सरकारी डेटा से पूरी तरह मैच होनी चाहिए। अगर आपके पास आधार कार्ड है और उसमें दी गई जानकारी सोर्स डेटा से मेल नहीं खाती, तो आपकी एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकती है।

भूल कर भी न करें ये 5 गलतियां

1:आधार कार्ड और रिकॉर्ड में नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग में अंतर।

2:तारीख, महीने या साल में जरा सी भी गड़बड़ी।

3:जेंडर मैच न होने की कंडीशन में।

4:आपके मौजूदा पते और रिकॉर्ड वाले पते में अंतर।

5:एनएचए (NHA) डेटा और आधार डेटा का हर लेवल पर एक जैसा होना जरूरी।

इन बीमारियों का होता है मुफ्त इलाज

आयुष्मान कार्ड से देश के हजारों सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कैंसर, किडनी की बीमारी, दिल के रोग, डेंगू, मलेरिया, डायलिसिस और मोतियाबिंद जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है।

घर बैठे कैसे बनाएं आयुष्मान कार्ड

फोन में ‘Ayushman App’ इंस्टॉल करें।

लॉगिन पर जाकर ‘Beneficiary’ चुनें और मोबाइल नंबर व कैप्चा भरें।

स्कीम में ‘PMJAY’ चुनें, अपना राज्य और जिला सेलेक्ट करें।

आधार नंबर डालकर लॉगिन करें।

आयुष्मान भारत योजना

 

आयुष्मान भारत योजना लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है। अगर आप सही डॉक्यूमेंट्स और सटीक जानकारी के साथ आवेदन करते हैं तो बीमारी के समय आपको पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं पडेगी।

 

 

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