
आज के विद्यार्थियों में जो आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता दिखाई दे रही जो बहुत प्रशंसनीय है, जीवन में आने वाली चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए : डॉ. संदीप तिवारी
दरभंगा। रमबाग स्थित आईसीएसई से संबद्ध शैक्षणिक संस्थान दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल का वार्षिक समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर सांस्कृतिक रंगों, रचनात्मकता और विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा से सराबोर दिखाई दिया। दीप जलाने के साथ कार्यक्रम की हुई शुरुआत, जिसमें अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. संदीप तिवारी, प्राचार्य, दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग थे। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, मंच प्रस्तुति और अनुशासन की मुक्तकंठ से सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा आज के विद्यार्थियों में जो आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता दिखाई दे रही है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। जीवन में आने वाली चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए और उनसे कभी भी भयभीत होकर पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा शारीरिक दंड से संबंधित कानूनों में हुए बदलावों के कारण अनुशासन के मूल्यों को स्थापित करना आज शिक्षकों, अभिभावकों दोनों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। ऐसे में शिक्षकों और माता-पिता को परस्पर सहयोग से बच्चों में अनुशासन और संस्कार विकसित करने की दिशा में कार्य करना होगा।
विद्यालय के निदेशक, डॉ. विशाल गौरव ने अपने संबोधन में शिक्षा क्षेत्र में उभरती नई चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा अध्ययन मुख्यतः एक एकल गतिविधि है, लेकिन जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं आती। उन्होंने जोर देकर कहा वार्षिक समारोह जैसे मंच विद्यार्थियों को समूह में कार्य करना, सहयोग, समन्वय और नेतृत्व जैसे गुण सिखाते हैं, जो उनके भावी जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।विद्यालय की प्राचार्या, शालिनी कुमारी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, अनुशासनात्मक प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय की भावी योजनाओं, आधुनिक शिक्षण विधियों और विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु प्रस्तावित कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शोभा अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से और बढ़ गई। इस अवसर पर डॉ. एम. के. मिश्रा, प्राचार्य, दरभंगा पब्लिक स्कूल (दिल्ली मोड़), डॉ. रमणजी चौधरी, विद्यालय संचालित करने वाली सोसायटी के सचिव, सुगंध चौधरी, निदेशिका, द फाउंडेशन एकेडमी और मंजरी कुमारी, प्राचार्या, द फाउंडेशन एकेडमी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के संचालन में मंच संचालकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पूरे समारोह का सजीव, संतुलित एवं आत्मविश्वासपूर्ण मंच संचालन राधा, आस्था रानी, रुद्र, आशुतोष, योगेश शर्मा, श्रृष्टि, संस्कृति पाण्डेय एवं आदर्श द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने सटीक संवाद, ऊर्जा और समयबद्ध प्रस्तुति से कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कुल 40 से अधिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं। नृत्य विभाग में भरतनाट्यम, ओडिसी, राजस्थानी लोकनृत्य तथा पारंपरिक झिझिया नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाट्य प्रस्तुतियों में अंग्रेज़ी नाटक मर्चेंट ऑफ वेनिस, हिंदी नाटक आश्रय और मैथिली नाटक को विशेष सराहना मिली। नवाचार आधारित प्रस्तुतियों में वृद्धाश्रम की वास्तविकताओं पर आधारित नाट्य, कोरियन फ्यूजन डांस और स्लो मोशन क्रिकेट ने दर्शकों को सोचने पर विवश कर दिया। संगीत विभाग में अंग्रेज़ी, हिंदी एवं मैथिली गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया। पूरे वार्षिक समारोह का समग्र समन्वय शिक्षक नीरज झा द्वारा किया गया। जिनके कुशल नेतृत्व एवं सुदृढ़ योजना से कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित एवं सफल रहा। अंत में शिक्षिका अलका प्रसाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ इस भव्य एवं स्मरणीय समारोह का समापन हुआ।