नारी बिहार

आगरा में मां सांवली, गोद में बच्चा गोरा लोगों ने महिला को समझा चोर आया सामने सच

उत्तर प्रदेश के आगरा में नमक की मंडी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला और उसके बच्चे के रंग में अंतर को देखकर स्थानीय लोगों ने उसे ‘बच्चा चोर’ समझ लिया. घंटों चले हंगामे और पुलिस की छानबीन के बाद जब असलियत सामने आई, तो लोगों के दावे खोखले साबित हुए.इसके बाद पुलिस ने महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित घर भेजा. स्थानीय पुलिस अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील भी की.

नमक की मंडी क्षेत्र में एक महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर जा रही थी. महिला का रंग सांवला (काला) था, जबकि उसकी गोद में मौजूद बच्चा काफी गोरा था. बस इसी एक शारीरिक असमानता को आधार बनाकर वहां मौजूद कुछ लोगों को शक हुआ कि बच्चा महिला का नहीं है. जैसे ही लोगों ने महिला को संदेह की नजरों से देखना शुरू किया और टोकना चाहा, महिला घबरा गई. उसकी घबराहट और वहां से जल्दी निकलने की कोशिश ने आग में घी का काम किया और भीड़ ने उसे घेर लिया. देखते ही देखते मौके पर ‘बच्चा चोरी’ का शोर मच गया और भारी हंगामा शुरू हो गया.

दस्तावेजों से सामने आया सच

भीड़ का उग्र रूप देख स्थानीय समझदार लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने महिला और बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया और थाने ले आई. पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग महिला पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.पुलिस ने जब महिला से कड़ाई से पूछताछ की और बच्चे के बारे में जानकारी मांगी, तो महिला ने सूझबूझ दिखाई. उसने बच्चे के जन्म से संबंधित वैध कागजात और अस्पताल के दस्तावेज पेश किए. पुलिस ने जब उन दस्तावेजों का मिलान किया, तो वे पूरी तरह सही पाए गए. यह साबित हो गया कि वह बच्चा उसी महिला का है.

पुलिस ने लोगों से की ये अपील

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महज रंग के आधार पर शक करना गलत है. महिला के पास सभी वैध दस्तावेज थे. तस्दीक करने के बाद उसे सम्मानपूर्वक घर भेज दिया गया है. हम जनता से अपील करते हैं कि कानून हाथ में न लें. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में खुद फैसला लेने के बजाय पुलिस को सूचना देने की अपील की है.

 

 

 

 

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