एक जमाने मे भिठौली (सीतापुर रोड) से दुबग्गा चौराहा जाने की इच्छा नहीं होती थी। हम जैसे हजारों लोग रिंग रोड से जाने के बजाय लखनऊ शहर के अंदर से जाना पसंद करते थे।
इसका एक मात्र कारण था…. गोमती नदी के पास घैला क्षेत्र में फैला वर्षों पुराना कूड़े-कचरे का ऊंचा पहाड़….और इस पर्वताकार कूड़े के ढेर से आने वाली अंतहीन भीषणतम दुर्गंध। यह स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी अव्यवस्था का प्रतीक था। यहां लगभग 32 एकड़ भूमि पर 6.5 लाख मीट्रिक टन कचरा फैला था। रिंग रोड से आवागमन करने वाले ही नहीं, बल्कि घैला इलाके के हजारों बाशिंदे इसे सड़ी-गली व्यवस्था का अपरिहार्य अंग मान चुके थे।
लेकिन, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की नजर राजधानी लखनऊ पर लगे इस बदनुमा दाग पर गई। योगी सरकार ने इस स्थायी कूड़ा-करकट क्षेत्र को विश्व स्तरीय पर्यटन क्षेत्र बनाने की योजना बनाई। यशस्वी मुख्यमंत्री ने घैला इलाके में दुनिया के महान नेता अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” निर्मित करवाने का अटल फैसला लिया। पिछले तीन वर्षों में 32 एकड़ में फैले साढ़े छह लाख मीट्रिक टन कूड़े को पूरी तरह से हटाया गया। आज यहाँ एक राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक प्रेरणा से परिपूर्ण पर्यटन स्थल आकार ले रहा है।
यह वही क्षेत्र है, जहाँ से हम लोग कभी गुजरना भी नहीं चाहते थे। आज यहां कूड़े की जगह ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ अपनी चमक-दमक बिखेर रहा है। निश्चित तौर पर यह लखनऊ की नई पहचान बनने जा रहा है। यह स्थल न केवल सौंदर्य और विकास का प्रतीक होगा, बल्कि स्वच्छता, सुशासन और दृढ़ संकल्प की जीवंत मिसाल भी बनेगा। यहाँ उत्तर प्रदेश या देश के पर्यटक ही नहीं आएंगे, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
कचरे से मुक्त हुई भूमि सहित लगभग 85 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित इस दिव्य-भव्य प्रेरणा स्थल में परम् श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं पण्डित अटल बिहारी वाजपेयी जी की 65 फीट ऊंची प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित हो चुकी हैं। यहां इन महान राष्ट्रवादी नेताओं से जुड़े संग्रहालय भी बनकर तैयार हो गए हैं। मनोहारी पार्क और भी बहुत कुछ बनकर तैयार है। अब यहाँ आने की इच्छा बार-बार होगी।
इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण आगामी 25 दिसंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से होगा।
स्वच्छ लखनऊ-सुंदर लखनऊ
“विकास की ओर एक मजबूत कदम”
प्रस्तुति : नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, पत्रकार

